गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिव का अर्थ ही कल्याण है। भगवान शिव भोले हैं। वह बहुत शीघ्र भक्तों पर कृपा करते हैं। अनंत काल से ही सुर-असुर दोनों ने भगवान शिव की पूजा की। यह उनका महात्म्य है, इसी नाते वह महादेव कहलाते हैं। योगी ने कहा कि प्रभु राम ने कहा था कि शिव द्रोही के लिए धरती पर कोई जगह नही है।
सीएम योगी, रविवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्त दिवसीय विष्णु महापुराण कथा के समापन के अवसर पर मौजूद भक्तों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आप सभी श्रद्धालु सौभाग्यशाली हैं कि आपको एक सप्ताह से शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली पर शिव महापुराण के मर्मज्ञ संत बालकदास के श्रीमुख से कथा सुनने का अवसर प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो संपूर्ण सृष्टि पर भोलेनाथ की कृपा है। देश में उत्तर से दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग व मंदिर हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत होने के साथ सांस्कृतिक दृष्टि से हमें एकता के सूत्र में पिरोते हैं। पूरब में वैद्यनाथ धाम है, तो पश्चिम में सोमनाथ धाम। काशी में बाबा विश्वनाथ धाम तो मध्य प्रदेश में महाकालेश्वर व ओंकारेश्वर धाम। उत्तर के हिमालय पर केदारनाथ विराजमान हैं तो सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव का आशीर्वाद है।
सीएम ने कहा कि भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए रामेश्वरम में सेतुबंध का निर्माण किया था और इसके लिए उन्होंने वहीं पर शिवजी की आराधना की थी। भगवान श्रीराम ने महादेव की महिमा बताते हुए कहा था कि शिव द्रोही के लिए धरती पर कोई जगह नहीं है। सीएम योगी ने कथाव्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सबके मंगलमय जीवन की कामना की। कथा के विश्राम पर उन्होंने व्यासपीठ की आरती उतारी।