गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार पर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सब्र टूट गया। एनएचएआई के अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में चेताया कि मार्च-2021 तक गोरखपुर से वाराणसी तक टू लेन बनकर तैयार नहीं हुआ तो कार्यदायी संस्था समेत दोषी अफसरों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नवंबर-2021 तक हर हाल में फोरलेन का काम पूरा हो जाना चाहिए।
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बता दें कि अप्रैल-2017 में गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अक्तूबर-2019 तक इसे पूरा किया जाना था, मगर अभी तक 35 फीसदी ही काम हो सका है। पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। निर्माण कार्य के लिए भी जगह-जगह गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। रोजाना दुर्घटना होती है और गाड़ियां खराब होती हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व नेशनल हाईवे (एनएच) के अधिकारियों के साथ सड़कों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने एनएच के अफसरों को निर्देश दिया कि खिचड़ी मेले से पहले गोरखनाथ पुल से लेकर 10 नंबर बोरिंग तक सड़क ठीक करा दी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को पेरेशानी न हो।
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जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक बनेगा 26 किमी रिंग रोड
बैठक के दौरान एनएच के अधिकारियों ने निर्माण में बिजली पोल शिफ्टिंग को बाधक बताया तो मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को पोल व ट्रांसफार्मर जल्द दूसरी जगह शिफ्ट कराने का निर्देश दिया। बैठक में एनएचएआइ के मैनेजर जीके राव व नरेंद्र तथा एनएच के कार्य अधीक्षक एमके अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
शहर के चारों तरफ रिंग रोड बनाने की मुहिम की कड़ी में अब जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक 26.5 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सोमवार को मंदिर में बैठक के दौरान एनएचएआइ के अधिकारियों को सात दिन में इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया, ताकि वहां से केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जा सके।
जंगल कौडिया रिंग रोड के निर्माण से शहर के चारों तरफ रिंग रोड तैयार हो जाएगा, जिससे शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। वहीं, लोगों का समय और ईंधन भी बचेगा। इस रिंग रोड के तहत कालेसर से जंगल कौड़िया और जगदीशपुर से कालेसर तक फोरलेन का निर्माण हो चुका है।
सीएम की फटकार के बाद दिखी तेजी
डीएम ने बताया कि पहले जंगल कौड़िया से जगदीशपुर फोरलेन 45 किलोमीटर लंबा बनना था, मगर अब इसे घटाकर 25 किलोमीटर कर दिया गया है। इस रिंग रोड पर करीब 1277 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें करीब 650 करोड़ रुपये जमीन के अधिग्रहण पर खर्च होंगे। इस पर गोरखपुर से पिपराइच रेलवे लाइन पर एक ओवरब्रिज और रोहिन व महेसरा ताल पर दो बड़े पुल का निर्माण होगा। साथ ही नौ छोटे पुल भी बनेंगे। इससे महराजगंज और पिपराइच रोड भी जुड़ेगा।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण की सुस्ती पर सीएम की फटकार के बाद सोमवार को काम में तेजी देखी गई। निर्माण करा रही कंपनी के एमडी ने हेलीकाप्टर से निर्माण कार्यों का जायजा लिया। एनएचएआई के अभियंता आशीष बताते हैं कि मुख्यमंत्री जब भी गोरखपुर आते हैं तो सड़क की समीक्षा करते हैं। इस दौरान गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की प्रगति भी पूछते हैं। जेपी के मैनेजर को तलब कर कई बार नाराजगी जता चुके हैं। इसी का असर दिख रहा है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
गोरखपुर। एनएचएआई और एनएच के अफसरों के साथ बैठक के दौरान के मुख्यमंत्री ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने मुख्यमंत्री को बताया कि मिट्टी की जो समस्या आ रही थी उसे दूर कर लिया गया है। 44 पट्टा कराकर निर्माण करा रही कंपनी को मिट्टी निकालने के लिए कहा गया है। निगरानी की जा रही है, जो भी दिक्कत आएगी, उसे दूर किया जाएगा।
मंदिर में आयोजित समीक्षा बैठक में आए रेल अधिकारियों से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फोरलेन निर्माण के काम में किसी प्रकार से बाधा न आए। दरअसल, धर्मशाला से लेकर पुल तक 8000 वर्गमीटर जमीन रेलवे की है। इस पर राज्य द्वारा फोरलेन बनाए जाने पर रेलवे ने लीज पर लेकर रकम जमा कराने के लिए पत्र लिखा था। जिला प्रशासन से जवाब न आने पर रेलवे ने एनएचआई को पत्र लिखकर रेल की सड़क पर काम करने से मना कर दिया था। इसी संबंध में सीएम ने डीएम और रेलवे से कहा कि इस पर मिलकर हल निकाल लें।