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कोरोना अलर्ट के बाद बोले सीएम योगी, सुरक्षा देने के साथ जरूरी सामान भी पहुंचाएगी पीआरवी

Mon, 23 Mar 2020 10:48 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़नी है सामूहिक लड़ाई
  • दो दिनों में यूपी में आइसोलेशन बेडों की  संख्या दो हजार से बढ़कर 10 हजार होगी
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Cm yogi Adityanath - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल से सटे यूपी के जिलों में खास सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि 112 पीआरवी लोगों को सुरक्षा देगी। साथ ही आवश्यक सामग्री भी पहुंचाने का काम करेगी। जिसे जरूरत हो वह पीआरवी को फोन कर सकता है। यूपी में 3000 डायल 112 की फोर व्हीलर पीआरवी है। 1500 टू व्हीलर हैं। इसके जरिए जनता मदद ले सकती है। यूपी में 108 की 2200 और 102 की 2270 एंबुलेंस हैं। एडवांस लाइफ सपोर्ट की 250 एंबुलेंस भी हैं। जनता को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
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रविवार को गोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ देशवासियों को सामूहिक लड़ाई लड़नी है। कहा कि यूपी में 2,000 आइसोलेशन बेड हैं। अगले दो दिनों में इनकी संख्या बढ़ाकर 10 हजार कर दी जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से सारे इंतजाम कर दिए गए हैं। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना पीड़ितों के निशुल्क उपचार, पैथालॉजी जांच की व्यवस्था की गई है।

जिन लोगों को काम नहीं मिल रहा है, उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी सरकार ने उठाई है। निशुल्क राशन देने के साथ ही प्रतिमाह एक हजार रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में अब तक कोरोना वायरस की चपेट में आए 27 लोगों में से 11 पूरी तरह से ठीक होकर घर जा चुके हैं। 16 लोगों का इलाज चल रहा है।
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घरों में करें पूजा-पाठ

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियों से निपटने के लिए खास सतर्कता बरतनी होगी। यूपी की जनता से अपील है कि वह मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या फिर चर्च में जाकर पूजा-पाठ न करें। घरों में पूजा करें। इससे कोरोना वायरस का प्रकोप नहीं बढ़ेगा।

नेपाल से सटे छह जिलों में विशेष चौकसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से सटे छह जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। महाराजगंज, सिद्वार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, पीलीभीत और श्रावस्ती के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। जो लोग नेपाल या फिर दूसरे राज्य से आए हैं, वे घरों में रहें तो बेहतर रहेगा। भीड़भाड़ या फिर दूसरे के घरों में जाने से बचना होगा।

पुलिस, प्रशासनिक अफसर लगातार पेट्रोलिंग करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में लॉक डाउन हुआ है, वहां किसी तरह की गतिविधि नहीं हो सकेगी। पुलिस, प्रशासनिक अफसर लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। वैश्विक महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। जरा सी लापरवाही खतरनाक हो सकती है। इस बीमारी के उपचार से महत्वपूर्ण बचाव है। इसी लिहाज से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। यूपी में स्थिति नियंत्रण में है। जागरूकता के अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

बाहर से आने वाले सावधानी बरतें

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के कई जिले ऐसे हैं, जहां मुंबई, सूरत सहित अन्य राज्यों में रहकर कमाने वाले वापस आए हैं। सबसे अनुरोध है कि वे अपने घरों में खुद को अलग रखें। परिवार या फिर लोगों ने मेलजोल न बढ़ाएं। प्रशासनिक अफसरों से कहा गया है कि दूसरे राज्यों से आने वालों पर निगाह रखें। जहां जरूरी हो, वहां क्वारंटीन की व्यवस्था करें। किसी की तबीयत खराब हो तो आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने की व्यवस्था कराई जाए।

एमआरपी से ज्यादा रेट पर दवा, मास्क व सैनिटाइजर बेचा तो कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दवा के फुटकर और थोक कारोबारियों से संवेदना बरतने की अपील की और कहा कि अगर कहीं से शिकायत मिली कि निर्धारित मूल्य (एमआरपी) से ज्यादा दाम पर दवाइयां, सैनिटाइजर और मास्क की बिक्री की जा रही है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जमाखोरी न करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। हर किसी को सामान की जमाखोरी से बचना चाहिए। दुकानों पर अनावश्यक भीड़ लगाना और सामान जमा करना ठीक नहीं है। इससे स्थिति बिगड़ती है। हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह किसी तरह की अफवाह न फैलाए।

सलाह मानें, बार-बार हाथ धोएं
मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस की गंभीर चुनौती को लेकर जनता को आगाह किया। कहा कि विशेषज्ञ-चिकित्सक जो कहें, उसे जरूर मानें। सामाजिक दूरी बनाकर रखें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं। बार-बार हाथ धोते रहें। यह संक्रामक और छुआछूत की बीमारी है। कम्युनिटी ट्रांसफार्मर तेजी से होता है। जागरूकता ही बचाव संभव है।
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