चौरीचौरी शताब्दी समारोह के उद्घाटन मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौरीचौरा समेत देश की आजादी में कुर्बानी देने वाले सभी शहीदों, स्वतंत्रा संग्राम सेनानियों को नमन करने के साथ ही बजट की खूबियों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही किसानों को भी सहेजने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में बजट सिर्फ वोट बैंक के हिसाब-किताब का बही खाता भर था मगर भाजपा सकरार में यह विकास की राह प्रशस्त करने का प्रतीक है। पहले की सरकारों ने बजट को ऐसी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था जो वे कभी पूरी ही नहीं कर पाती थीं। मगर अब सोच बदल गई है। भाजपा सरकार जो वादे करती है, उसे पूरा करके भी दिखाती है। लंबे समय तक महामारी से लड़ने के बाद भी बजट में आम आदमी पर कोई भार नहीं बढ़ा बल्कि सरकार ने विकास पर खर्च बढ़ाया है।
पीएम ने गुरुवार को दिल्ली से ही चौरीचौरा शताब्दी समारोह का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने डाक टिकट भी जारी किया। इस दौरान इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चौरीचौरा शहीद स्थल पर मौजूद रहे। जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहीं।
शहीदों के बलिदान को याद करते हुए पीएम मोदी ने देश की आजादी और उसके विकास में किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि कोरोना जैसी महामारी में भी किसानों ने रिकार्ड उत्पादन कर पूरे विश्व को संदेश दिया कि हमारा देश कितना मजबूत है।
पीएम ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पिछले छह सालों से सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उनकी भूमि पर कोई गलत निगाह न डाल सके इसीलिए स्वामित्व योजना शुरू की गई है। गरीबों, कमजोरों को भी इससे लाभ मिलेगा। कोई उनकी जमीन-मकान पर कब्जा नहीं कर सकेगा।
पीएम ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं। मंडियां, किसानों के फायदे का बाजार बने इसलिए 1000 मंडियो को ई-नाम से जोड़ा जा रहा है। किसान अपनी फसल अब कहीं भी बेच सकेगा। ग्रामीण इलाकों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 40 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इसका लाभ भी किसानों को मिलेगा।
पीएम ने कहा कि जिस तरह से देश ने कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ी और संकट के इस समय में कई देशों को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध करा रहा है, पूरी दुनिया इसकी सराहना कर रही है। बजट में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि हर गांव-कस्बे में ऐसी इलाज की व्यवस्था हो जिससे किसी को शहर न जाना पड़े। इसी तरह शहरों में भी सभी तरह के इलाज और जांच की समुचित व्यवस्था की जा रही है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। जांच के लिए अत्याधुनिक लैब स्थापित हो रहे हैं।
प्रेरणा देता है देश की मिट्टी में मिला चौरीचौरा शहीदों का खून
प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 वर्ष पहले चौरीचौरा में जो हुआ वह सिर्फ न तो एक अगजनी की घटना थी न ही थाने को आग लगाने की। उसका संदेश बहुत बड़ा और व्यापक था। आग थाने में नहीं बल्कि देश की आजादी को लेकर लोगों के दिलों में प्रज्जवलित हुई थी जो बाद में बढ़ती ही चली गई।
उन्होंने कहा कि इस घटना और इसमें प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों की जितनी चर्चा होनी चाहिए थी वह नहीं हुई। मगर इस संग्राम के सेनानियों को भले ही इतिहास के पन्नों में बहुत जगह नहीं मिली मगर उनका खून देश की माटी में मिला हुआ है जो सभी को प्रेरणा देता है।
उन्होंने चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली यूपी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि जब आजादी के 75वें वर्ष में देश प्रवेश कर रहा है तो यह समारोह इसे और प्रासंगिक बना देता है। लोक कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता को इस महोत्सव से जोड़ने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री के इस प्रयास से लोग चौरीचौरी का सच जान सकेंगे साथ ही इतिहास के पन्नों में जो तथ्य वर्षों तक दर्ज नहीं हो सके अब उन्हें सुधारा जाएगा।
पीएम ने कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए खून बहाने वाले शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे मुस्कुराते हुए देश के लिए मर सके, अब ऐसी परिस्थिति नहीं मगर हमें कम से कम अपने देश के लिए जीने का संकल्प तो जरूर लेना चाहिए।
बाबा राघव दास और मालवीय का योगदान भी भूला नहीं जा सकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि जबभी चौरीचौरा की घटना का जिक्र होता है बाबा राघव दास और महामना मदन मोहन मालवीय जी का योगदान याद आ जाता है। उनके योगदान को भी भूला नहीं जा सकता। उन्हीं की देन है कि चौरीचौरा घटना में 150 लोगों को फांसी से बचा लिया गया।
भारत की बढ़ती साख देख शहीदों को भी गर्व महसूस होगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने 150 से अधिक देशों को दवाइयां भेजी। 50 लाख से अधिक लोगों को स्वदेश लाने के अलावा लाखों लोगों को उनके देश भेजा। तेजी से वैक्सीन बनाई। अब टीकाकरण भी शुरू हो गया। मानव जीवन की रक्षा के लिए दुनिया के कई देशों को भातर वैक्सीन दे रहा है। विश्व में अपने देश की बढ़ती इस साख को देख शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी गर्व महसूस हो रहा होगा।