गोरखपुर राप्ती नदी के तट पर बने गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट के लोकार्पण समारोह में भाजपा सांसद रवि किशन के एक बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी देर तक हंसते रहे। समारोह में स्वागत संबोधन के दौरान सांसद रवि किशन ने कुछ अनूठे अंदाज में राप्ती तट पर बने घाटों की सफाई बनाए रखने के लिए जनता का आह्वान किया।
उनके संदेश को सुनकर मंच पर मौजूद सीएम से लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हर कोई हंसता रह गया। उन्होंने भोजपुरी में कहा कि राप्ती नदी के घाट पे एहसे पहिले का होत रहे सब के मालूब बा। भोरे-भोरे सब लोग आ जात रहले। राप्ती नदी माई के भी केतना दुख होत होई, केहू नाहि सोचे। आज यह जो भव्य माहौल बनल बा...सोचिए यहां पे आपकी मृत्यु होगी तो डायरेक्ट स्वर्ग जाओगे... मगर स्वर्ग वही जाएगा जो घाट की सफाई बनाए रखेगा... गंदा नहीं करेगा।
अब घाट की तलाश में दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा
लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था बना दी है कि पर्व त्योहार व पवित्र स्नान काल में राप्ती में डुबकी लगाकर लोग कह सकते हैं कि हमने भी अपनी पावन गंगा में डुबकी लगाई है। अब उन्हें किसी घाट की तलाश में दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यहां बने घाटों को सभी लोग अच्छा बताते हैं, लेकिन अब इनके संरक्षण का दायित्व जनता का है। मुख्यमंत्री ने घाटों के बेहतर निर्माण के लिए जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग और प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी के बीच बेहतर समन्वय से समय पर इन घाटों का इतना भव्य निर्माण हो सका।