इस वायरस ने व्यक्ति और समाज जीवन में व्यापक परिवर्तन किया है। यह परिवर्तन आने वाले समय में भी निरंतर होते रहने की प्रबल संभावना है। इसलिए आने वाले समय में सुदृढ तकनीकी संसाधनों की अपरिहार्यता और महत्ता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक में जहां सुदूर, गरीब और असहाय श्रमिकों तथा आम्रजन को लाभ पहुंचाया गया है वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार को रोकने में भी प्रधानमंत्री की डिजिटल योजना बहुत कारगर हुई है। साप्ताहिक शैक्षिक कार्यशाला में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के समस्त संस्थाध्यक्ष तथा उनके द्वारा नामित कुल 110 सदस्यों ने सहभागिता किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी आज तकनीकी संसाधनों की उपयोगिता अनिवार्य हो गई है। जीवन सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, ऐसे में संक्रमण से बचाव के साथ ही जीवन को आगे बढ़ाना अपरिहार्य है। उन्होंने कार्यशाला से जुड़े शिक्षकों से आह्वान करते हुए कहा कि कोरोना के चलते उत्पन्न हुए परिस्थितियों के अनुसार पठन-पाठन के लिए सुदृढ डिजिटल प्लेटफार्म तैयार करें। आज की परिस्थिति में शिक्षण संस्थाओं के लिए जितना महत्व तकनीक का है, उतना ही महत्व संवाद के माध्यम से ज्ञान के प्रसार का भी है।
घर पर ही करें योगाभ्यास, आयोग्य सेतु एप डाउनलोड करें
योगी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आप सभी लोग अपने घरों एवं कार्य स्थलों पर सामाजिक दूरी के साथ योगाभ्यास करेंगे। सभी लोग आरोग्य सेतु एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करें। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य क्रिया है। प्रदेश सरकार द्वारा आयुष कवच भी कोरोना संक्रमण से सजग रखने में अत्यंत उपयोगी है। समाज में इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।