प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मधुलिका ने बताया था कि वह किसान परिवार से है। मेरी मां की मौत बचपन में हो गई थी। पिता राकेश चंद्र मिश्र किसान हैं। दो भाई हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ कृषि कार्य में पिता का सहयोग करते हैं। पिता ने मुझे पढ़ाई से कभी नहीं रोका। बीएड में मेरा दूसरा साल है।
छात्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई तो भाई ने गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि दोनों वाल्व खराब हैं। भाई ने किसी तरह लखनऊ पीजीआई और केजीएमयू ले गया, लेकिन कोरोना की वजह से दोनों जगहों पर देखने से मना कर दिया गया। इसके बाद भाई मेदांता लेकर गया।
मेदांता में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि दिल के दोनों वाल्व खराब हैं, जिसे बदलना पड़ेगा। इसका खर्च नौ लाख रुपये आएगा। किसान परिवार होने के वजह से हमारे पास इतने रुपये नहीं हैं कि ऑपरेशन करवा सकें। इस पर विधायक फतेह बहादुर सिंह ने छात्रा की मदद करते हुए मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की स्वीकृति दिलाई है।