आरटीओ दफ्तर के बरामदे में पड़े पौधे। ( पौधा लगाते सीएम योगी की फाइल फोटो)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत पांच जुलाई को पूरे प्रदेश में एक साथ पौधरोपण किया गया। अभियान के लिए जिले में वन विभाग से मंगाए गए पौधों को संभागीय परिवहन कार्यालय में अफसरों की नाक के नीचे पैरों तले रौंदा जा रहा है लेकिन जिम्मेदार मौन हैं।
इन पौधों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। यहां पौधरोपण सिर्फ खानापूर्ति के लिए हुआ। कुछ पौधे रोपे गए। फोटो खिंचवाया गया और फिर बाकी पौधों को सूखने और आने-जाने वालों के पैरों तले कुचलने के लिए कार्यालय में छोड़ दिया गया।
पांच जुलाई को पूरे प्रदेश में 25 करोड़ एवं गोरखपुर मंडल में एक करोड़ 17 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आरटीओ कार्यालय परिसर में पौधरोपण के लिए वन विभाग से 15 सौ पौधे मंगाए गए थे। पांच जुलाई के दिन आरटीओ के साथ अन्य अधिकारियों ने कुछ पौधे रोपे और फोटो भी खिंचवाई।
उसके बाद बाकी पौधों का क्या होगा, इसके बारे में उन्होंने सोचा ही नहीं। जो पौधे नहीं लगे उसे कार्यालय परिसर के बरामदे में सूखने और पैरों तले रौंदने के लिए छोड़ दिया गया जबकि कार्यालय के सभी अधिकारियों के चेंबर इसी भवन में हैं। लेकिन किसी अफसर ने इन पौधों की सुधि नहीं ली।
आरटीओ प्रशासन भीमसेन सिंह ने बताया कि पौधरोपण अभियान के लिए परिसर में लगाने को वन विभाग से 15 सौ पौधे मंगाए गए थे। एक हजार पौधे रोपे गए हैं और 500 पौधों को नर्सरी में रखवा दिया गया है। सभी पौधों को कुछ दिनों में लगवाया जाएगा।