मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन विपत्ति में धैर्य न खोने और मजबूती से हर चुनौती का सामना करने का साहस प्रदान करता है। ऐसे में कोरोना संकट के बीच बाढ़ जैसी त्रासदी का भी सामना कर रहे पीड़ित परिवारों को भी धैर्य का परिचय देना होगा।
व्यापक परीक्षण हो रहा फिर भी सावधानी जरूरी
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कोरोना वारियर्स को भी नमन करते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को उन्होंने मजबूती से लड़ते हुए आम जन को बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री ने चलोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बहुत सारे साथी जिन्होंने कोरोना से लड़ते हुए अपनी जान दे दी, उन्होंने प्रेरणा दी है कि दो गज की दूरी और मास्क जरूरी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 85 फीसदी मामले ऐसे हैं जिनमें लक्षण नहीं दिखते।
यूपी में एक लाख टेस्ट प्रतिदिन कराए जा रहे हैं। प्रदेश की आबादी 24 करोड़ है। ऐसे में व्यापक परीक्षण के बीच भी सावधानी जरूरी है। उम्र दराज लोग बहुत जरूरी हो तो ही घरों से बाहर निकलें। 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घरों में ही रखें। संदेह होने पर हर कोई कोरोना की जांच कराए। संक्रमण को छिपाने पर घर, गांव के लोग भी प्रभावित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के साथ ही मस्तिष्क ज्वर, जेई, एईएस, डेंगू, मलेरिया के खिलाफ मुहीम छेड़ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया गया है। जेई-एईएस से मध्य जुलाई से नवम्बर तक 1200 मौते होती थी लेकिन 2017 से अब तक मौत के इन आंकड़ों में 90 फीसदी कमी आई है। जनता का भी सहयोग मिल रहा है। इस बार आधे मरीज और आधी मौतें हुई हैं।
... और गश खाकर गिर पड़े एडीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के ठीक पहले कार्यक्रम स्थल पर अचानक एडीएम प्रशासन चतुभुर्जी गुप्ता गश खाकर गिर गए। आनन-फानन में उन्हें पास में एक तख्त पर लिटाया गया और प्रारंभिक उपचार के बाद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने उन्हें जिला अस्पताल भेजवाया। बताया जा रहा है कि ब्लड प्रेशर संबंधी दिक्कत की वजह से वह अचानक बेहोश हो गए।
मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर हुआ सैनिटाइज
कार्यक्रम के दौरान ही पंचायतीराज विभाग के सफाई कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को पूरी तरह सैनिटाइज किया। इसी तरह उनके कार्यक्रम स्थल की भी सुबह से लेकर समापन तक कई बार सैनिटाइज किया जाता रहा।