गुरुवार शाम 5:30 बजे से पहला तकनीकी सत्र शुरू होगा। इसकी अध्यक्षता गन्ना विकास चीनी मिल एवं औद्योगिकी विभाग के मंत्री सुरेश राणा करेंगे, जबकि सह अध्यक्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. दिनेश यादव व सार संकलक के तौर पर प्रो. बीना बी कुशवाहा एवं डॉ. तुलिका मिश्र मौजूद रहेंगी।
छह विशेष सत्रों का होगा आयोजन
संगोष्ठी में पांच प्रमुख क्षेत्रों के साथ ही छह विशेष सत्रों का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न विभागों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश के विभिन्न विश्विद्यालयों के 10-15 कुलपति, सीएसआईआर और आईसीएआर के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
औद्योगिक विकास की नींव होगी सुदृढ़
पांच तकनीकी सत्रों के साथ संगोष्ठी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। साथ ही विशेष समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ खादी, टेराकोटा शिल्प, आर्गेनिक खाद, ओडीओपी, सेरेमेटिक पोटरी को बढ़ावा देने की रूपरेखा तैयार होगी, ताकि उद्यमियों को व्यापार शुरू करने के लिए वित्तीय समस्याओं का सामना न करना पड़े। संगोष्ठी में बैंकर्स मीट का आयोजन भी होगा, जिसमें पूर्वांचल के उद्योगों, खास कर एमएसएमई सेक्टर को, कैसे सस्ते ऋण उपलब्ध कराया जाए, इस पर विशेष चर्चा होगी।
स्पेशल पैकेज पर एक होगा विशेष सत्र
पूर्वांचल के लिए स्पेशल पैकेज पर एक विशेष सत्र होने के साथ-साथ स्टार्ट-अप एंड इंटरप्रेन्योरशिप के लिए भी एक सत्र का आयोजन किया गया है। आखिरी सत्र में 40 विशेषज्ञ पूर्वांचल के समुचित विकास में रिसर्च और डेवलपमेंट का खाका तैयार करेंगे।
तीन दिवसीय सेमिनार के विभिन्न सत्रों में देश भर के ख्यातिलब्ध विशेषज्ञ और उद्यमी जुडे़ंगे। वाशिंगटन से पापा जॉन्स पिज्जा चेन के सीईओ सुनील सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ जार्जिया के भोजन और विज्ञान विशेषज्ञ प्रो. राकेश सिंह, साउथ एशिया के इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर के डॉयरेक्टर डॉ. उमा शंकर सिंह, बांग्लादेश से मत्स्य विज्ञानी डॉ. बिनय कुमार चक्रवर्ती, वेस्ट चेस्टर के पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंह, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. एस सुमन और डॉ. वैभव मिश्रा, एफआई इन्वेस्टमेंट ग्रुप के चेयरमैन फ्रैंक इस्लाम, मोंटगेमरी कॉलेज से प्रो. संजय राय, ब्रिटिश अमेरिकन यूनिवर्सिटी से प्रो. मनोज कुमार मिश्रा, वाशिंगटन डीसी से उद्यमी सुनील सिंह, कोलोराडो यूनिवर्सिटी से प्रो. अजय झा, यूनिवर्सिटी ऑफ इलीनोइस से प्रो. राम सिंह सेमिनार के आकर्षण का केंद्र होंगे।
सेमिनार स्थलों का हुआ कायाकल्प
सेमिनार के पांचों आयोजन स्थल दीक्षा भवन, संवाद भवन, रसायन विभाग, बॉयोटेक्नोलॉजी और प्राणी विज्ञान के साथ-साथ संवाद भवन से जुड़े कान्फ्रेंस हाल और प्रशासनिक भवन के कमेटी हाल के कायाकल्प का काम पूरा हो चुका है। सभी भवनों को इंटरनेट के माध्यम से एलईडी स्क्रीन और आधुनिक प्रोजेक्टर से जोड़ा गया है। इसका ट्रायल बुधवार को किया गया। इस व्यवस्था से अब सभी वक्ता और प्रतिभागी ऑफलाइन और ऑनलाइन एक साथ जुड़ कर चर्चा कर सकते हैं।
काली रंग की सीट पर बैठेंगे अतिथि, संतरी रंग वाली खाली रहेगी
संगोष्ठी में केंद्र सरकार की कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। दीक्षा भवन और संवाद भवन में संतरी और काले रंग की सीट लगाई गई है। काली रंग की सीट पर अतिथियों को बैठना होगा। वहीं, संतरी रंग की सीट खाली रहेगी। जलपान और खानपान की व्यवस्था भी कोविड गाइड लाइन को ध्यान में रखकर किया गया है।