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Gorakhpur: आयुष विश्वविद्यालय की धीमी प्रगति पर सीएम ने जताई नाराजगी, जलभराव के बारे में पूछा

Wed, 03 Aug 2022 12:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मुख्यमंत्री ने जिले में धान की बुवाई के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि शुरू में कुछ हिस्से में बुवाई प्रभावित हुई थी, लेकिन जैसे ही वर्षा हुई किसानों ने बुवाई कर ली। स्थिति अब अच्छी है।  
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सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक में शहर में जलभराव की स्थिति, नालों की सफाई, फसल की बुवाई और विकास कार्यों के निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी ली। आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए रफ्तार तेज करने के लिए कहा।

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मुख्यमंत्री ने जिले में धान की बुवाई के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि शुरू में कुछ हिस्से में बुवाई प्रभावित हुई थी, लेकिन जैसे ही वर्षा हुई किसानों ने बुवाई कर ली। स्थिति अब अच्छी है।  

शहर में जलभराव के बारे में पूछने पर नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि कहीं भी जलभराव नहीं हुआ। नगर आयुक्त ने जलभराव से निपटने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। बताया कि नालों की सफाई व नए नालों के निर्माण की वजह से जलभराव नहीं हुआ। जहां पानी लगा भी थोड़ी देर में निकल गया। सीएम बुधवार को भी जिले में रहेंगे। बृहस्पतिवार को एम्स के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लखनऊ प्रस्थान कर जाएंगे।
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मुख्यमंत्री फेलोशिप के लिए चयनित होंगे 100 प्रतिभाशाली युवा
मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 100 विकास खंडों के लिए 100 युवाओं का चयन किया जाएगा। इसमें युवाओं को पारिश्रमिक के रूप में 30 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भ्रमण के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाएगा।

यह जानकारी जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी चंद्रशेखर ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह को दी। मंगलवार को जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने कुलपति से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि चयनित युवा, योजनाओं का सर्वेक्षण, अध्ययन, प्राथमिक आंकड़ों का संकलन, निगरानी, योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों के निराकरण के लिए सुझाव देंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि योजनाओं का लाभ आम आदमी को कैसे मिले।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि फेलोशिप के प्रचार प्रसार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

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