मानदेय नहीं मिलने से नौ दिनों से हड़ताल पर हैं गोरखपुर विश्वविद्यालय के सफाईकर्मी
हड़ताल से लड़खड़ाई गोविवि की सफाई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मानदेय नहीं मिलने से आंदोलित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सफाईकर्मियों की हड़ताल बृहस्पतिवार को 9वें दिन भी जारी रही। विवि के अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी आठ जून को मानदेय नहीं मिलने से नाराज सफाईकर्मी ट्राली में कूड़ा भरकर फिर कुलपति कार्यालय परिसर में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। चेतावनी दी कि जब तक मानदेय नहीं मिलेगा, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
सफाई कर्मियों के हड़ताल की वजह से विश्वविद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अलावा सफाईकर्मियों के मानदेय का भुगतान नियमित नहीं हो पा रहा है। सफाईकर्मियों के मुताबिक करीब 80 आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात हैं। सभी को प्रति माह 5700 रुपये नकद मानदेय के रूप में मिलता है। लेकिन, उनका दो से छह माह तक का मानदेय बकाया है।
सफाई कर्मियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नियंता ने आठ जून तक मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, जब बृहस्पतिवार को उनसे मिला गया तो उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में हमारे सामने विरोध-प्रदर्शन के अलावा कोई उपाय नहीं। प्रदर्शन में शामिल एजाज, गीता, शरीफ, नाटे, परवेज, रेशमा, सुनीता, मीना कुमार, पाकिजा आदि ने कहा कि जब तक उनका मानदेय नहीं मिलेगा, काम पर नहीं लौटेंगे।
विवि परिसर में लड़खड़ाई सफाई व्यवस्था
गोविवि के प्रशासनिक भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तो सफाई हो जा रही है, लेकिन परिसर के अन्य विभागाें में सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई है। कला संकाय परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा होने के साथ शौचालय से भी बदबू आने से छात्र परेशान हैं।