गोरखपुर। मानसून से पहले संभावित बाढ़ और जलभराव की चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को नगर निगम सभागार में कमिश्नर अनिल ढींगरा व मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने जलनिकासी, पंपिंग स्टेशन, नाला निर्माण और संचारी रोग नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने नालों की सफाई कार्य तेजी से कराने, जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने व इसमें आ रही अतिक्रमण की बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में अफसरों ने कमिश्नर व मेयर को हार्बर्ट बांध, संपवेल एवं पंपिंग स्टेशनों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। अफसरों ने बताया कि सारी व्यवस्था चाक-चौबंद है। आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम के कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाए गए हैं।
कमिश्नर व मेयर ने निर्माण कार्य कराने वाले सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित विभाग के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग को अधूरे नाला कनेक्शन जल्द पूरा करने तथा सिंचाई विभाग को डोमिनगढ़ और बहरामपुर के कार्य 10 दिन में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने तरकुलानी रेगुलेटर की स्थिति चेक करने के निर्देश भी दिए गए।
तारामंडल क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जीडीए और नगर निगम को संयुक्त कार्ययोजना बनाने को कहा गया। बैठक में नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।