फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: एक जमीन पर कइयों के मालिकाना हक का दावा...अब पैमाइश पर सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम ने 20 दुकानदारों को दिया है नोटिस, दो-तीन दिन में डीएम और नगर आयुक्त से मिलेंगे
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बक्शीपुर में नगर निगम की जमीन का मामला अब और भी पेचीदा हो गया है। जिस जमीन पर पूर्व विधायक का आवास और दुकानदारों का कब्जा है, उस पर कइयों ने मालिकाना हक जताया है। पूर्व विधायक के आवास के नीचे स्थित दुकानों के संचालकों का कहना है कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। जिन दुकानदारों को नोटिस मिली है, उनका कहना है कि नगर निगम ने हमें गलत नोटिस थमाया है। उनकी दुकानें तो एमएसआई कॉलेज में है। अब ये दुकानदार सारे दस्तावेजों के साथ दो से तीन दिनों में डीएम और निगम निगम के अधिकारियों से मिलेंगे।

नगर निगम ने बक्शीपुर में अराजी नंबर 467/101 रक्बा .097 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा बताकर 20 दुकानदारों को नोटिस दिया है। नोटिस मिलने के बाद बाद से ही दुकानदारों में हड़कंप है। रविवार को दुकानदारों ने बैठक कर नोटिस पर चर्चा की। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकान एमएसआई इंटर कॉलेज की जमीन पर है और वे किरायेदार हैं। निगम की ओर से गलत नोटिस दे दिया गया है। इसको लेकर वे अपना जवाब तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन

व्यापारी नेता सत्य प्रकाश सिंह मुन्ना का कहना है कि आजादी से पहले यह सड़क थोड़ी टेढ़ी थी। 1937 में इसे सीधा कर दिया गया और पुरानी सड़क आगे जाकर बंद हो गई। अराजी नंबर 467/101 रक्बा .097 हेक्टेयर भूमि पुरानी और नई सड़क के बीच में है। इसी में पहले पूर्व विधायक रहते थे। इसी जमीन को लेकर शिकायत हुई थी लेकिन पैमाइश नई सड़क के दक्षिण वाली भूमि की हो गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर नोटिस भी दिया गया है। जबकि ये जमीन विद्यालय प्रबंधन की है और वे इसमें किरायेदार हैं।
-

बोले दुकानदार...
हम लोगों की दुकानें एमएसआई कॉलेज की जमीन में हैं। हम उसके किराएदार हैं। प्रशासन से जिस जमीन के लिए शिकायत हुई थी वह सड़क के दूसरी ओर है। हमें जो नोटिस मिला है उसका जवाब जल्द ही दे देंगे।
विज्ञापन

सत्यप्रकाश सिंह
-
नगर निगम ने हम लोगों को गलत नोटिस दे दिया है जबकि हम लोग कॉलेज प्रबंधन के किरायेदार हैं। नगर निगम के अधिकारियों से मिलकर सही पैमाइश कराने की मांग की जाएगी।
आमिर अमीन
-
1937 में सड़क को सीधा किया गया था और नक्शा बदल गया। लेकिन, शिकायत पर पैमाइश पुराने नक्शे से ही हो गई। नोटिस के बाद से ही सभी लोग तनाव में हैं।
फैयाज अहमद
-
हमारे पास किराए का एग्रीमेंट लेटर है जिसे साक्ष्य के तौर पर दिखाएंगे। बाकी एमएसआई कॉलेज प्रबंधन से दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मोहम्मद जुनैद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें