कोरोना की दूसरी संक्रामक और खतरनाक लहर में जब लोग एक-दूसरे से मिलने से बच रहे थे। उस समय नागरिक सुरक्षा के वालंटियर्स अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना जांच और टीकाकरण में मदद कर रहे थे। महामारी पर काबू पाने का जज्बा ऐसा कि करीब साठ वालंटियर संक्रमण का शिकार हुए और दो की जान तक चली गई। बावजूद इसके शहर को कोरोना मुक्त करने में सब जी जान से जुटे हैं।
नागरिक सुरक्षा कोर के चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी बताते हैं कि कोरोना जांच केंद्र और टीकाकरण केंद्र ऐसी जगह हैं जहां संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा है। गर्व से कहते हैं कि नागरिक सुरक्षा कोर के वालंटियर्स इन केंद्रों पर मुस्तैदी से जनता और स्वास्थ्य प्रशासन की मदद कर रहे हैं। दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही बाकी वालंटिसर्य दोगुने जोश से काम में जुटे रहे।
हर गली में है नेटवर्क
पेशे से दंत चिकित्सक डॉ. संजीव गुलाटी बताते हैं नागरिक सुरक्षा कोर के वालंटियर्स का जाल पूरे शहर में फैला हुआ है। वालंटिसर्य सिर्फ कोरोना महामारी के विरुद्ध ही काम नहीं कर रहे हैं, शांति व्यवस्था, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर और शासन की योजनाएं लागू करवाने मेें सहयोगी की भूमिका भी निभाते हैं।