दसवीं की संयुक्त टॉपर पलक श्रीवास्तव को मिठाई खिलाते पिता।
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दसवीं की संयुक्त टॉपर पलक श्रीवास्तव ने कहा कि दसवीं की पढ़ाई विद्यार्थी के जीवन का अहम पड़ाव होती है। काफी मुश्किल भरे हालात थे। पहले मां की कैंसर की प्रॉब्लम का पता चला पूरा परिवार उन्हें ठीक होने की दुआएं कर रहा था। उसके बाद रही सही कसर कोरोना संकट ने पूरी कर दी। मां को देखकर हमेशा लड़ने की हिम्मत मिली।
उन्होंने हौसला बढ़ाया खुशनसीब हूं कि आज मां और कोरोना संकट को हराकर परिवार की उम्मीदों पर खरा उतर सकी हूं। सफलता का पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है। बिजनेसमैन पिता के साथ रहने वाली पलक ने बताया दो से तीन घंटे की पढ़ाई ही करती थी। बड़े भाई भी स्कूल के टॉपरों में शामिल रहे हैं। उन्हें देखकर खुद भी टॉपर बनने का लक्ष्य निर्धारित किया।
नाम: पलक श्रीवास्तव
माता- पिता: अनुपमा, नीरव श्रीवास्तव
भाई- उमंग श्रीवास्तव
जन्मतिथि: आठ जुलाई, 2004
पसंद: गीत गाना और सुनना