मुख्य सचिव व डीजीपी ने गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद समूचे मंदिर व मेला परिसर का भ्रमण-निरीक्षण कर सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का हाल जाना। कंट्रोल रूम जाकर उन्होंने परिसर की मॉनिटरिंग के इंतजाम को भी परखा।
श्रद्धालुओं को होगा बदलते उत्तर प्रदेश का एहसास
मंदिर परिसर में मीडिया से बात करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शासन-प्रशासन का प्रयास है कि खिचड़ी के मेले में जो लोग यहां पर आएं उन्हें बेहतर सुविधाएं मिले। श्रद्धालुओं को कहीं कोई दिक्कत न हो। व्यवस्था ऐसी होगी कि यहां आने वाले लोगों को बदलते हुए उत्तर प्रदेश का एहसास होगा। श्रद्धालु आसानी से मंदिर में आकर दर्शन कर सकेंगे। स्वास्थ्य के परीक्षण के लिए डॉक्टरों की तैनाती यहां की जाएगी।
इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि लॉकडाउन के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि सारी व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एटीएस और एसटीएफ की टीम भी यहां पर लगाई जाएगी। मकर संक्रांति के मौके पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था का इंतजाम किया जाएगा और उसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, जिससे आम लोगों को पता हो कि उन्हें अपनी गाड़ियां कहां खड़ी करनी है।
गाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस विभाग पर होगी। पार्किंग में भी सीसी कैमरे लगवाए जाएंगे। पिछले साल एक युवक द्वारा गोरखनाथ मंदिर पर हमले के मामले पर उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं। उस वक्त भी उसे जल्दी काबू कर लिया गया था और अब और भी सतर्क हैं। साथ ही नेपाल के बॉर्डर इलाकों में भी सतर्कता बरती जा रही है।