गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का हर क्षेत्र आज समान रूप से विकसित हो रहा है। एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और कानपुर लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी यूपी एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। बुंदेलखंड में 56,000 एकड़ में एक नई इंडस्ट्रियल सिटी, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क की स्थापना हो रही है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे टेक्नोलॉजी से खुद को जोड़कर आगे बढ़ें।
वह बुधवार को महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि युवा जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हरेक क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
यह सेंटर वर्तमान और भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित और आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफाॅर्म मिलेगा। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। इससे युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे।
नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर
सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था, जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। यहां चार विश्वविद्यालय के साथ ही भारत सरकार के सहयोग से बना सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भी है।
एआई के तैयार करें अलग-अलग कोर्स
सीएम योगी ने कहा कि एआई आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने एमपीआईटी के निदेशक और फैकल्टी का आह्वान किया कि वे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं के लिए अलग-अलग प्रकार के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स बनाएं जो उन्हें उनके लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाए।
सीएम ने भ्रमण कर अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की ली जानकारी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन व टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन के साथ अत्याधुनिक भवन एवं लैब्स का भ्रमण कर निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान अतिथियों के समक्ष चयनित स्टार्टअप्स ने नवाचारों का प्रदर्शन किया। सीएम ने उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इससे पूर्वांचल में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट का हुआ अनावरण
समारोह में सीएम योगी, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और अन्य अतिथियों ने एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट व इनक्लूसिव एआई फॉर यूपी के विजन डॉक्यूमेंट का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष एमपीआईटी और विभिन्न संस्थानों के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। इस अवसर पर एआई फॉर आल अवेयरनेस प्रोग्राम और एआई फॉर फार्मर्स कोर्स का भी शुभारंभ भी हुआ।
स्वागत एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश अवस्थी, आर्थिक सलाहकार केवी राजू, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग आलोक कुमार, टीसीएस के चंद्रमोहन मल्लाडी, एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, एमएमएमयूटी के प्रो. जेपी सैनी आदि उपस्थित रहे।