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चौरीचौरा बवाल: उपद्रवियों पर लगेगा रासुका, जवान को शहीद का दर्जा, मुआवजे की मांग को लेकर की थी आगजनी-तोड़फोड़

Sun, 27 Mar 2022 09:07 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, चौरीचौरा (गोरखपुर)

सार

झंगहा के राघोपट्टी गांव निवासी सेना के जवान धनंजय यादव की सिक्किम में तैनाती के दौरान मौत हो गई थी। उन्हें शहीद का दर्जा देने, बहन को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजे और शहीद स्मारक पर नाम दर्ज करने की मांग को लेकर ग्रामीण सड़क पर आ गए थे।
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सेना के जवाब धनंजय यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होते डीएम व एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिक्किम में मृत झंगहा के सेना के जवान धनंजय यादव को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर बवाल करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ शनिवार को चौरीचौरा पुलिस व राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने सात अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। इनमें 56 नामजद और 200 अज्ञात आरोपित बनाए गए हैं।

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इंस्पेक्टर चौरीचौरा की तहरीर पर एक, राहगीरों की तहरीर पर पांच और आरपीएफ की देवरिया इकाई ने एक मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसपी नार्थ के नेतृत्व में पांच टीमें गठित कर दी हैं। आरोपितों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। संपत्ति जब्त करके नुकसान की भरपाई होगी। चौरीचौरा के भोंपा बाजार स्थित गोरखपुर-देवरिया फोरलेन के पास शुक्रवार की देर शाम पुलिस पर हमला करके सरकारी, प्राइवेट गाड़ियों में तोड़फोड़, आगजनी की गई थी। इस मामले में गोरखपुर पुलिस ने अब कड़ा रुख अपनाया है।

इंस्पेक्टर चौरीचौरा सुबोध कुमार की तहरीर के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम भीड़ चौराहे पर अचानक एकत्र हो गई थी। मृत सेना के जवान से संबंधित जो मांगें थीं, उसपर जिलाधिकारी बात कर रहे थे। इस बीच उग्र भीड़ हमलावर हो गई। पथराव करके सरकारी जीप को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। फोरलेन से गुजरने वाले राहगीरों के वाहनों में भी तोड़फोड़ व आगजनी की गई। उपद्रवियों के हमले से कई पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं हैं।

पांच और तहरीर राहगीर देवरिया के गौरीबाजार के बैतालपुर बव्वासी अजय कुमार बरनवाल, वाराणसी के चौबेपुर निवासी विजय पांडेय, शाहपुर के यूएस तिवारी, जंगल रसूलपुर के उमेश यादव और राघोपुर के सूरज वर्मा ने दी है। आरोप हैं कि भीड़ ने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। कागजात व जरूरी सामान लूट लिए गए। इस पर पुलिस ने अलग-अलग गंभीर धाराओं में पांच केस दर्ज किए हैं। इसी तरह चौरीचौरा के रेलवे स्टेशन मास्टर की तहरीर पर जीआरपी ने केस दर्ज किया है, जिसके मुताबिक, रेलवे ट्रैक पर भीड़ आने की वजह से ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक, आरोपितों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों से नियमानुसार सरकारी क्षति की वसूली भी की जाएगी। पुलिस के पास वीडियो मौजूद हैं। इससे आरोपितों की पहचान की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है। हर उपद्रवी की पहचान की जाएगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं है। कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गांव में कड़ा पहरा

घटना के बाद से मृत जवान के गांव में पुलिस व पीएसी का पहरा है। जिले के अलग-अलग थानों से इंस्पेक्टर, दरोगा व सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। एक-एक गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस, प्रशासन की सख्ती के बाद गांव के ज्यादातर पुरुष भागे हैं। कुछ महिलाएं घरों में हैं, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद पड़ा है। गांव में सन्नाटा पसरा है। हर तरफ खाकी दिख रही है।

गंभीर धाराओं में केस दर्ज, आजीवन कारावास का प्रावधान 

मुकदमे में 56 नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों पर हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश, सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने, तोड़फोड़-आगजनी, लूट, 7 सीएलए और सरकारी संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
धारा 147, 148, 149: भीड़ में शामिल होकर हिंसा करना (सजा दो से तीन साल व आर्थिक जुर्माना)
धारा 332: लोकसेवक के काम में बाधा डालने (सजा तीन साल व आर्थिक जुर्माना)
धारा 333: लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना (सजा दस साल व आर्थिक जुर्माना)
धारा 336: उत्तेजना में मानव जीवन को संकट में डालना (तीन महीने व जुर्माना)
धारा 307: हत्या की कोशिश ( दस साल या आजीवन कारावास)
धारा 436: आगजनी (आजीवन कारावास)
धएारा 427:आर्थिक नुकसान (सजा दो साल या जुर्माना या दोनों)
धारा 188: कोरोना नियम उल्लंघन
धारा 290: रास्ता जाम करना, दो सौ आर्थिक जुर्माना
धारा 291: लोक सेवक का आदेश न मानना
धारा 120बी: आपराधिक साजिश (आजीवन कारावास)
7सीएलए:  अपराध के हिसाब से सजा होती है

आरोपितों के खिलाफ सात अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। चौरीचौरा थाने में पांच राहगीरों और पुलिस ने केस दर्ज कराए हैं। आरपीएफ ने भी एक केस दर्ज किया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसपी नार्थ के नेतृत्व में पुलिस की पांच टीमें लगाई गईं हैं। रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से नियमानुसार वसूली भी की जाएगी। संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। यह मामला बेहद गंभीर है। पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। 
- डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी

यह थी घटना

झंगहा के राघोपट्टी गांव निवासी व सिक्किम में तैनात रहे सेना के जवान धनंजय यादव की मौत के बाद शुक्रवार को गांव में पार्थिव शरीर आया था। उन्हें शहीद का दर्जा देने, बहन को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजे और शहीद स्मारक पर नाम दर्ज करने की मांग को लेकर ग्रामीण सड़क पर आ गए थे। देर शाम जिलाधिकारी विजय किरन आनंद मौके पर गए और पूरे मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बावजूद उपद्रवियों ने आगजनी व तोड़फोड़ की थी। लिहाजा, 20 से ज्यादा थानों की फोर्स और पीएसी बुलानी पड़ी थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे, जिसके बाद रात नौ बजे के करीब हालत पर काबू पाया जा सका था।
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इटौवा घाट पर हुआ जवान का अंतिम संस्कार

झंगहा क्षेत्र के राघोपट्टी निवासी और सेना में हवलदार रहे धनंजय यादव के पार्थिव शरीर का शनिवार को इटौवा घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले जिलाधिकारी विजय किरन आनंद व एसपी सिटी सोनम कुमार के साथ ही गांव के लोगों ने पुष्प अर्पित कर धनंजय को श्रद्धांजलि दी।
 
झंगहा थाना क्षेत्र के राघोपट्टी निवासी धनंजय यादव वर्ष 2014 में सेना में  हवलदार पद पर चयनित हुए थे। उनकी तैनाती सिक्किम में थी। शुक्रवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर घर लाया गया था। इसपर परिजन शहीद का दर्जा देने, बहन को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा की मांग कर रहे थे। इसे लेकर लोगों ने भोपा बाजार में गोरखपुर-देवरिया फोरलेन को जाम कर दिया था। पार्थिव शरीर को रेलवे ट्रैक पर रखकर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित कर दिया।
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