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चौरीचौरा बवाल: 36 आरोपियों की फोटो से पुलिस ने की पहचान, अब फरार नामों की सूची दो थानों पर चस्पा

Fri, 22 Apr 2022 10:25 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

चौरीचौरा में 25 मार्च को सैनिक को शहीद का दर्जा देने, मुआवजे आदि की मांग के बहाने सड़क पर आए लोगों ने रेल रोकने के साथ ही सड़क भी जाम की थी। जब डीएम ने उनकी ज्यादातर मांगें मान लीं, तभी पथराव शुरू हो गया। पता चला कि यह मांगें मनवाने नहीं बल्कि, ऐसा बवाल करने आए थे। जिससे सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में बाधा पैदा हो।
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चौरीचौरा बवाल के फरार आरोपियों के नामों की लिस्ट चस्पा करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के झंगहा के राघोपट्टी निवासी सैनिक धनंजय यादव के निधन पर उन्हें शहीद का दर्जा देने की लड़ाई के बहाने चौरीचौरा में हुए बवाल मामले में 53 आरोपियों के नामों की सूची दो थानों पर चस्पा कर दी गई।

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एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा के आदेश पर चौरीचौरा और झंगहा थाने में सूची चस्पा कर लोगों से जानकारी मांगी गई है। उधर, पुलिस फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय जाने की तैयारी भी तेज कर दी है। इसके पीछे का मकसद है कि उनकी संपत्ति को कुर्क कराया जा सके।

जानकारी के मुताबिक, 25 मार्च को सड़क जाम और पथराव-आगजनी के मामले में पुलिस अब तक 19 आरोपियों को जेल भेजवा चुकी है। एक नामजद आरोपी अरविंद यादव समेत 24 लोग अब भी फरार चल रहे हैं। एसपी नार्थ के मुताबिक, इस मामले में फोटो-वीडियो की मदद से पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है।
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अब तक फोटो की मदद से 53 लोगों की पहचान हो चुकी है। मामले के मुख्य आरोपी सपा नेता मनुरोजन यादव, नरसिंह यादव और अरविंद यादव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसी बीच पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर मनुरोजन यादव और नरसिंह यादव ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, लेकिन एक नामजद सहित अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।

 

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ये थी घटना
चौरीचौरा के भोंपा बाजार में 25 मार्च को सैनिक को शहीद का दर्जा देने, मुआवजे आदि की मांग के बहाने सड़क पर आए लोगों ने रेल रोकने के साथ ही सड़क भी जाम की थी। जाम और प्रदर्शन के दौरान जब बात बनने लगी और डीएम ने उनकी ज्यादातर मांगें मान लीं, तभी अचानक पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर पथराव कर उपद्रवियों ने अपनी मंशा जता दी थी।

पता चला कि यह मांगें मनवाने नहीं बल्कि, ऐसा बवाल करने आए थे कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम की खुशी को इस बवाल की आंच से झुलसाया जा सके। साजिश सामने आने के बाद इस मामले में सात एफआईआर दर्ज की गई थी।
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