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कल नए कलेवर में दिखेगी चौरीचौरा एक्सप्रेस, ट्रेन को पहचान नहीं पाएंगे यात्री

Wed, 03 Feb 2021 01:39 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PTI
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चौरीचौरा शताब्दी वर्ष के अवसर पर चार फरवरी को चौरीचौरा एक्सप्रेस नए कलेवर में दिखेगी। 24 कोच के लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) वाली रेक लगाकर गोरखपुर से रवाना की जाएगी।

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इस कोच के लगने से ट्रेन का रंग भी बगल जाएगा। कोच के अंदर का स्वरूप भी बदला नजर आएगा। सीटें आरामदायक होंगी, टॉयलेट भी अत्याधुनिक होंगे। बुधवार को कोच की सफाई और मरम्मत कार्य शुरु हो गया है। यह ट्रेन रात में जब चौरीचौरा स्टेशन पर रुकेगी तो इसका स्वागत भी होगा।

चौरीचौरा एक्सप्रेस में होंगे 22 कोच
गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज तक जाने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस (15003/15004) अभी स्पेशल के रूप में चल रही (05003/05004) ट्रेन में आरक्षित श्रेणी के दो कोच अब बढ़ जाएंगे। 20 की जगह 22 कोच लगाकर चलाई जाएगी। इससे सीटें भी बढ़ेंगी।
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522 किमी यात्रा में ट्रेन के 31 स्टॉपेज
चौरीचौरा एक्सप्रेस कुल 552 किमी की यात्रा तय करती है। यह ट्रेन गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज के बीच 31 स्टेशनों पर रुकती है। इसकी अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा है और स्टॉपेज लेकर 40.27 किमी प्रति घंटे की गति से चलती है।

ये हैं एलएचबी कोच की खूबियां

  • दुर्घटना की दृष्टि से काफी सुरक्षित होती है।
  • काफी संख्या व अच्छी क्वालिटी के स्प्रिंग व शॉकर लगे हैं जिससे जरा सा भी झटका महसूस नहीं होता है।
  •  सामान्य कोच की तुलना में वातानुकूलन ज्यादा बढ़िया होता है।
  •  कोच के बाहर की बॉडी स्टील तथा अंदर की एल्युमीनियम की बनी होती है।
  •   आग से भी पूरी तरह से होती है सुरक्षित (फायर प्रूफ कोच)
  •    सामान्य कोच से दो मीटर लंबे होते हैं ये कोच।
  •    स्लीपर में 72 की जगह 80 सीटें होती हैं।
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