पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी चंदन अपने साथ कई लोगों को जोड़े हुए है। ये लोग तहसील, पुलिस मुख्यालय के पास घूमते हैं और उसे विवादित मामलों की जानकारी देते थे। इसके अलावा वह अखबार की खबरों से भी विवादित मामलों की जानकारी जुटाता था।
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इसके बाद एक पक्ष को पैरवी करने का भरोसा देता था। वहीं बड़े मंत्रियों, अधिकारियों या प्राइवेट गनर आदि के साथ अपनी फोटो किसी बहाने खींचकर वायरल करता था, ताकि लोग उसको बड़ा आदमी मान लें। उसके पास कई फर्जी मुहर भी मिले हैं।
चांदनी उर्फ चंदन ने झंगहा के करही निवासी दो भाइयों के विवाद में पैरवी की थी। पहले सुरेंद्र यादव को एसपी डायल 112 बन फोन कर कहा कि वह उनका निर्माण करवा देगा। उनसे पांच लाख में सौदा किया। 70 हजार एडवांस लिया। अधिकारियों को फोन कर उनका काम शुरू करा दिया। लेकिन, जब सुरेंद्र बाकी रकम नही दे पाए तो निर्माण रुकवाने में जुटे विपक्षी गुलाब की तरफ से पैसा लेकर पैरवी की। लेकिन पुलिस ने दोनों पक्ष का चालान कर दिया। इसके बाद उसने झंगहा थानेदार को धमकाना शुरू किया था।
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इसी तरह पिपराइच में कुछ दिन पहले एक महिला का किसी से विवाद हुआ था। पुलिस पहुंची तो पथराव कर दिया। पुलिस ने महिला व उसके बेटे पर केस दर्ज किया। बेटा जेल गया और महिला फरार है। इस मामले में भी चंदन ने एसएसपी के पीआरओ, एसपी नार्थ व एसएसपी को किन्नर समाज का दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बताकर फोन किया और पैरवी की थी। वहीं, चौरीचौरा के डुमरी निवासी भूमाफिया रामगोपाल यादव, जिस पर 60 केस दर्ज हैं, उसकी पैरवी के लिए एसपी को सीएम को ओएसडी बनकर कॉल किया था।