वहीं अंजू चौधरी के कार्यकाल में उमाशंकर दुबे, गीता शुक्ला, अजय यादव, अशरफ और संजीव सिंह सोनू कांग्रेस पार्टी से पार्षद चुने गए। मेयर सत्या पांडेय के कार्यकाल के दौरान पाषर्दों की संख्या घटकर मात्र तीन रह गई। चंद्रशेखर सिंह, अजय यादव और संजीव सिंह सोनू ही नगर निगम बोर्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हो सके।
इसके बाद मेयर सीताराम जायसवाल के कार्यकाल के दौरान तो कांग्रेस पार्टी से मात्र दो पार्षद अजय यादव और संजीव सिंह साेनू सदन में आने में सफल हो सके। इस बार तो संजीव सिंह साेनू ने चुनाव से पहले ही मैदान छोड़ चुके हैं। ऐसे में सीटिंग पार्षद में एक मात्र अजय यादव ही चुनाव मैदान में है।
महानगर अध्यक्ष आशुतोष तिवारी का कहना है कि इस बार चुनाव में हम पूरे दमखम से मैदान में हैं। जिस तरह से वीर बहादुर सिंह के समय में गोरखपुर का विकास हुआ था, उसी तरह से ज्यादा से ज्यादा पार्षदों को जितवा कर हम नगर निगम सदन में प्रभावशाली भूमिका में रहेंगे।