गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में बनने वाले कॉमन इफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के लिए उद्यमियों ने अंशदान राशि देने से इनकार कर दिया है। इस सिलसिले में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से गीडा के सीईओ को ज्ञापन दिया गया है।
उद्यमियों का कहना है कि सीईटीपी की स्थापना पर खर्च होने वाली धनराशि की व्यवस्था दूसरे मद से की जानी चाहिए। ज्ञापन की प्रति अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास, कमिश्नर व डीएम को भेजी गई है।
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी की ओर से गीडा सीईओ को दिए गए ज्ञापन के मुताबिक 7.5 एमएलडी का सीईटीपी लगाया जा रहा है, इसपर 93.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका 25 प्रतिशत अंशदान गीडा व उद्यमियों को देना है, जो उचित नहीं है।
धनराशि की व्यवस्था दूसरे मद से की जानी चाहिए। कोरोना संकट से उद्यमियों का बड़ा नुकसान हुआ है। अब अतिरिक्त शुल्क दे पाना संभव नहीं है। गीडा प्रशासन ने खुद ही सीईटीपी की स्थापना की बात कही थी, लेकिन उसपर खरा नहीं उतरा है। घोषणा पत्र पर भी अमल नहीं किया जा सका है। उद्यमियों पर बोझ डालना ठीक नहीं है।