गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र के रजही मौर्या टोला में रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर हुई डकैती की वारदात में सुरक्षा की एक बड़ी खामी को उजागर कर दिया है। इलाके में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बेहद कम होने के कारण अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का सुराग तलाशने में पुलिस को काफी परेशानी हुई। इसी अनुभव से सबक लेते हुए अब पुलिस ने जंगल के आसपास के गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
पुलिस प्रशासन जल्द ही ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करेगा, जिसमें गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों को सार्वजनिक स्थानों, मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा, बल्कि किसी भी घटना के बाद जांच में भी आसानी होगी।
इस अभियान की शुरुआत कुसम्ही जंगल के आसपास बसे गांवों से की जाएगी, जहां अपराध की आशंका अधिक रहती है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि जंगल से सटे गांवों में बदमाशों को छिपने और भागने में आसानी होती है। ऐसे में निगरानी तंत्र मजबूत करना जरूरी है। पुलिस ग्रामीणों को यह भी समझाएगी कि सीसीटीवी कैमरे केवल पुलिस के लिए नहीं, बल्कि उनकी अपनी सुरक्षा के लिए भी अहम है। साथ ही कैमरे लगाने में आने वाली तकनीकी और आर्थिक समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी।