गोरखपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की त्रि-भाषा नीति को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच चल रहे भ्रम को बोर्ड ने दूर कर दिया है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा सात, आठ और नौ में अध्ययनरत जिन विद्यार्थियों ने तीसरी भाषा के रूप में विदेशी भाषा का चयन किया है, उन्हें कक्षा 10 तक अपनी चुनी हुई भाषा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर सुनीत कोहली ने बताया कि नई भाषा नीति के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ने की अनिवार्यता आगामी सत्र से केवल कक्षा छह में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी। पहले से कक्षा सात, आठ और नौ में पढ़ रहे छात्रों पर यह नियम लागू नहीं होगा। ऐसे विद्यार्थी अपनी वर्तमान भाषा व्यवस्था के साथ ही कक्षा 10 तक अध्ययन जारी रख सकेंगे।
सीबीएसई की ओर से मई में जारी सर्कुलर के बाद कई स्कूलों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के मन में यह संशय था कि क्या विदेशी भाषा बदलनी होगी। इसे देखते हुए बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट कर दी है, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बोले अधिकारीस्कूलों को भी इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी तरह के अफवाह पर ध्यान न दें और बोर्ड के आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें। इससे लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
- सुनीत कोहली, सिटी कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई