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सीबीएसई: वोकेशनल कोर्स से निखारा जाएगा विद्यार्थियों का हुनर, रचनात्मकता को शुरू से बढ़ाने पर फोकस

Tue, 22 Jun 2021 11:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

सीबीएसई और माइक्रोसॉफ्ट के बीच हुआ करार।
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छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने 2025 तक अपने 50 प्रतिशत छात्रों को वोकेशनल कोर्सेस में दक्ष बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी मकसद को पूरा करने के लिए सीबीएसई ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ करार किया है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग कोडिंग के माध्यम से इन कोर्सेस की पढ़ाई होगी। छात्रों के वैज्ञानिक स्वभाव तथा इनोवेशन को इसमें तरजीह दी जाएगी।
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इसे लेकर बोर्ड का आदेश जिले के 117 स्कूलों में पहुँच गया है। आदेश के मुताबिक छात्र अगर ड्राइंग, किसी भी चीज की रिपेयरिंग करने में माहिर है तो उसकी क्षमता की पहचान कर छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सीबीएसई वोकेशनल कोर्सेस को पूरी तरह से बढ़ावा देना चाह रहा है। शिक्षकों को भी इसके लिए प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू कर दिया है।

माइक्रोसॉफ्ट को कक्षा छह से 12 तक के वोकेशनल कोर्सेस के लिए नोटबुक भी शिक्षकों की मदद से तैयार करना है। इस कारण विभिन्न कक्षाओं के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए बोर्ड ने अपनी वेबसाइट में लिंक व क्यूआर कोड छोड़ रखा है। वर्तमान में सीबीएसई के 12 हजार स्कूलों में 20 लाख छात्र सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी लेवल पर वोकेशनल कोर्सेस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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अब इसके कक्षा छह से ही प्रारंभ कर देना है, ताकि छात्रों के रचनात्मक कौशल का विकास हो सके। बोर्ड ने कक्षा छह से आठ के लिए नौ स्किल मॉड्यूल, सेकेंडरी लेवल के लिए 18 तथा सीनियर सकेंडरी लेवल के 38 वोकेशनल कोर्से को अपग्रेड करने का फैसला लिया है। सीबीएसई ने इस संबंध में सभी स्कूलों को पत्र भी भेजा है।

रचनात्मकता को शुरू से बढ़ाने पर फोकस
वोकेशनल कोर्स को लेकर आरपीएम एकडेमी के डायरेक्टर अजय शाही ने बताया कि सीनियर सेकेंडरी लेवल पर छात्र आइटी के रूप में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। कक्षा छह से आठ से वोकशेनल कोर्सेस को इस सत्र से लागू किया जाना है। इसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण भी प्रारंभ होगा। बोर्ड का मकसद छात्रों की रचनात्मकता को शुरू से निखारना है। इस कार्य के लिए स्कूल के शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
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