रोकड़बही अपडेट होती तो खुल जाते दो फर्मों के मामले
नगर निगम में पिछले दिनों दो फर्मों की ओर से किए गए कार्यों से जुड़ीं फाइलें गायब हो गईं। अगर रोकड़बही में टेंडर स्वीकृत के समय तय रेंट और अन्य रिकाॅर्ड दर्ज होते तो फाइल गायब होने के बाद भी कितने राजस्व की गड़बड़ी और हेरफेर की गई, यह आसानी से पता किया जा सकता था। यही कारण है कि फर्मों ने करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी मनमाने तरीके से की। सूत्र बताते हैं कि इसकी जानकारी संबंधित विभाग के बाबुओं को भी थी। इसी वजह से मनमाने तरीके से काम का आवंटन करवाकर उसकी फाइल ही लापरवाही से रखी गई।
पिछले वर्ष नगर निगम में आया फंड
- राज्य वित्त आयोग- 27 करोड़ रुपये
- 15वां वित्त आयोग- 50 करोड़ रुपये (लगभग)