बिना अनुमति के रामगढ़ताल में मछली मारने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रामगढ़ताल, कैंट और खोराबार थाने में तहरीर देकर ताल में मछली मारने वालों पर केस दर्ज कार्रवाई करने के लिए कहा है।
ताल में मछली मारने के लिए प्राधिकरण ने 21 नवंबर 2022 को टेंडर निकाला है। 20 दिसंबर आवेदन की आखिरी तारीख है। 22 दिसंबर को नीलामी फाइनल होगी। मगर अब भी कुछ लोग नाव से घूमकर ताल में मछली मार रहे हैं।
ताल में मछली मारने के लिए इसके पहले भी कई बार टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। अब एक बार फिर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस बीच किसी को भी मछली का आखेट करने की अनुमति नहीं दी गई। लेकिन, कुछ लोग चोरी-छिपे ताल में जाल डालकर मछली मार रहे हैं।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह की तरफ से पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि रामगढ़ताल नया सवेरा पर नाव के संचालक धर्मेंद्र शुक्ला व राहुल साहनी ने शिकायत की है कि रामगढ़ताल में मछुआरों द्वारा जाल लगाकर मछली निकाली जा रही है। इससे नाव के संचालन में कठिनाई हो रही है।
जीडीए सचिव ने पुलिस से कहा है कि रामगढ़ताल से अवैध रूप से मछली निकालने का काम बंद कराया जाए और ऐसा करने वालों पर एफआइआर दर्ज कराई जाए। बिना अनुमति के मछली मारना पूरी तरह से अवैध है। वहीं थाना प्रभारी रामगढ़ताल सुधीर सिंह का कहना है कि जीडीए की तरफ से तहरीर मिली है। जांच की जा रही है।