हत्या का प्रयास करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने गोला थाना क्षेत्र के ग्राम कोहरा बुजुर्ग निवासी अभियुक्त नल कुमार चंद व अनिल कुमार चंद को सात साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्र एवं राम प्रकाश सिंह का कहना था कि वादी नृसिंह चंद गोला थाना क्षेत्र के ग्राम कोहरा बुजुर्ग का निवासी है।उसके लड़के विपिन बिहारी चंद का अभियुक्तों से मामूली बात को लेकर मन मुटाव था।
18 जुलाई 1987 की सुबह सात बजे उसका लड़का विपिन बिहारी रोपनी कराने के लिए मजदूर बुलाने हरिजन बस्ती गया था। जहां वादी के लड़के को देखते ही अभियुक्त अनिल के ललकारने पर नल कुमार चंद ने अपने हाथ में लिए कट्टे से विपिन बिहारी को गोली मार दी।वादी के भाई सुरेश ने अभियुक्त नल कुमार को पकड़ लिया तो अभियुक्त अनिल ने अपने हाथ में लिए कट्टे से सुरेश को गोली मार दी, जिससे वादी के लड़के और भाई को प्राणघातक चोट आई।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश अस्थाना व सदस्य कृष्णानंद मिश्र, सुधा उपाध्याय ने बैंक रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर के खिलाफ निर्णय दिया कि वह उपभोक्ता रामायन सिंह के खाते से निकाली गई धनराशि एक लाख 60 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करें। दो माह के अंदर आदेश का अनुपालन न करने पर ब्याज आठ प्रतिशत देय होगा।इसके अतिरिक्त बतौर क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में 23 हजार रुपए भी प्रदान करें।
आयोग के समक्ष मोहल्ला गोपालपुर पोस्ट शिवापुरी कालोनी निवासी उपभोक्ता रामायन सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव एवं ऋषि श्रीवास्तव एडवोकेट का कहना था कि उपभोक्ता का विपक्षी के बैंक में करेंट खाता एवं बचत खाता दोनों था।दोनो खाते का चेक बुक अलग अलग था। करेंट खाता के चेक बुक में एक आखिरी चेक बचा हुआ था परंतु बाद में वह चेक कहीं गायब हो गया।
करेंट खाते के उस गायब हुए चेक में एक लाख 60 हजार रुपया भर कर संजय कुमार नामक एक व्यक्ति ने उपभोक्ता के बचत खाते में उसे लगाकर भुगतान प्राप्त कर लिया।जिसकी जानकारी होने पर उपभोक्ता ने बैंक में इसकी शिकायत की और कहा कि जब चेक करेंट खाते का था तो किन परिस्थितियों में उसका भुगतान बचत खाते से किया गया।