खुद को बताया एम्स का कर्मचारी
सरिता व अन्य लोगों के मिलने पर आरोपित मीरा ने बताया कि वह एम्स में काम करती है और वहां के अधिकारियों पंकज सिंह सोलंकी व विनोद यादव से अच्छे संबंध हैं। वह उन लोगों का विभिन्न पदों पर संविदा पर नौकरी लगवा देगी। लेकिन एक नौकरी का 50 हजार से डेढ़ लाख रूपये लगेंगे।
एकाउंट से दिया है रकम
दर्ज मुकदमें के अनुसार सरिता ने अपना व 11 अन्य लोगों का 147380 रूपये खाते से और 290000 रूपये नगद दिया। इसी प्रकार मंजू गौड़ ने अपना व सात अन्य लोगों का 405000, राधिका गौड़ ने अपना व आठ अन्य लोगों का 270000, मंजू शर्मा ने अपना व 12 अन्य लोगों का 420000, लाल मोहम्मद ने अपना व अपने भाई महबूब अली का 300000, बैजनाथ ने 20 हजार, मेनका ने 20 हजार,विमला ने 20 हजार, लक्ष्मण ने 20 हजार और अमन ने 20 हजार रूपये दिया। रकम लेने के बाद आरेापी मीरा ने 16 नवंबर 2021 तक नौकरी दिलाने का वादा किया था। लेकिन उसके बाद भी नौकरी नहीं दिलाई और फरार हो गई। परेशान होकर सरिता ने सीओ कैंट से मुलाकात की और जिसके बाद खोराबार पुलिस ने आरोपी मीरा के खिलाफ केस दर्ज किया है।