उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के माफिया सुधीर सिंह की गाड़ियों की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर कुमार सिंह की गाड़ियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के मामले में शुक्रवार को भी आरटीओ को शाहपुर थाने से रिपोर्ट नहीं मिल सकी। रिपोर्ट मिलने में देरी के बाद आरटीओ ने प्रशासन के पत्र का जवाब भेज दिया है।
आरटीओ ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि जिला प्रशासन से मिली सूची के आधार पर ही गाड़ियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस प्रशासन की तरफ से बीते जुलाई माह में माफिया सुधीर सिंह की गाड़ियों की सूची आरटीओ कार्यालय से मांगी गई थी। जिसके बाद आरटीओ ने सुधीर सिंह के नाम पर पंजीकृत गाड़ियों की सूची प्रशासन को भेज दी थी।
प्रशासन के पत्र में दर्ज गाड़ियों को आरटीओ ने लॉक कर दिया था, ताकि इनकी खरीद फरोख्त नहीं की जा सके। बाद में बिछिया सर्वोदय नगर निवासी सुधीर कुमार सिंह ने जन-सुनवाई में आवेदन देकर आरोप लगाया कि प्रशासन ने माफिया सुधीर सिंह की जगह उनकी नौ गाड़ियों को लॉक कर दिया है। जिसके बाद एसडीएम वित्त एवं राजस्व ने आरटीओ प्रशासन को पत्र लिखकर इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
आरटीओ के मुताबिक, बृहस्पतिवार को आरआई लक्ष्मीकांत को शाहपुर थाने भेजा गया था, ताकि वह रिपोर्ट थाने से प्राप्त की जा सके, जिसके आधार पर माफिया सुधीर सिंह की गाड़ियों को कुर्क करने की कार्रवाई हो रही है, लेकिन थाने से वह रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी। शुक्रवार को भी जब रिपोर्ट नहीं मिल सकी तो आरटीओ की तरफ से पत्र का जवाब प्रशासन को भेज दिया गया।
एआरटीओ प्रशासन के श्याम लाल ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर गाड़ियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उसका मिलान कर लिया गया है। प्रशासन की तरफ से जो निर्देश आगे मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।