देवरिया में टाउनहाल कैंपस में प्रेक्षागृह के नामकरण एवं प्रतिमा स्थापित करने का मामला एक बार फिर गरमाने लगा है। उपचुनाव की वजह से पूरा मामला शांत हो गया था, लेकिन सदर सांसद एवं भाजपा सभासद के बीच उपजे विवाद के बाद यह मामला एक बार फिर गरमा गया है।
नगरपालिका परिषद बोर्ड की मंगलवार को होने वाली है। बैठक में इस मामले को लेकर हंगामा होने के आसार हैं। प्रेक्षागृह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर हो या पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह के नाम, इस मुद्दे पर भाजपा के कद्दावर नेता चुप्पी साध लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक अधिकतर नेता स्व. मोहन सिंह के नाम पर ही प्रेक्षागृह का नामकरण कराएं जाने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि इसके निर्माण में पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता के योगदान को नकारा नहीं जा सकता।
नगरपालिका परिषद ने वर्ष 2016 में टाउनहाल कैंपस में नया सवेरा योजना के तहत प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) निर्माण की कवायद शुरू की। पूर्व सांसद मोहन सिंह की पुत्री तत्कालीन राज्यसभा की सदस्य रहीं कनकलता सिंह के प्रयास से चार करोड़ 12 लाख रुपये स्वीकृत हो गया। इसके बाद तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के द्वारा शिलान्यास पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह के नाम किया गया।
प्रेक्षागृह बनकर तैयार भी हो गया, लेकिन नगरपालिका बोर्ड में कोई प्रस्ताव नामकरण को लेकर पास नहीं हो सका। इसी बीच 21 सितंबर 2019 को नगरपालिका बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें भाजपा सभासद आशुतोष तिवारी ने प्रेक्षागृह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम किए जाने का प्रस्ताव लाए, जिसे सदन ने पास कर दिया। कमिश्नर की मंजूरी भी मिल गई। इसी बीच 19 सितंबर 2020 की रात में स्व. मोहन सिंह की प्रतिमा स्थापित कर प्रेक्षागृह में उनका नाम लिख दिया गया।
यह प्रकरण अमर उजाला ने अपने 21 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया। उपचुनाव को देखते हुए पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, लेकिन सदर सांसद रमापति राम त्रिपाठी एवं सभासद आशुतोष तिवारी के बीच इसी मुद्दे को लेकर उपजे विवाद ने एक बार फिर मामला गरम कर दिया है।
24 नवंबर को नगरपालिका बोर्ड की बैठक होनी है। ऐसे में इस मामले में हंगामा हो सकता है। इसका कारण यह है कि सभासद दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी तो दूसरा बाबू मोहन सिंह के नाम से प्रेक्षागृह का नामकरण चाहता है।