26 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। लेकिन उन्होंने सहमति पत्र जमा नहीं किया है। इससे किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की रकम नहीं भेजी जा सकी है। मई माह से ही गांवों में शिविर लगाकर एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण), एसएलओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) और राजस्व कर्मचारी लोगों से सहमति पत्र जमा कराने की अपील कर रहे हैं। लेकिन मुआवजे की दर कम होने की बात कहकर किसान रकम लेने से मना कर रहे हैं।
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पहली बार बुलाई महापंचायत, किसानों ने दिखाए तेवर
रिंग रोड के दायरे में आने वाली जमीन पर अधिकांश किसानों ने धान की रोपाई कर दी है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के पूर्व किसानों ने गोरखनाथ मंदिर में जाकर सीएम से मिलने का प्रयास किया। लेकिन नहीं मिल पाए। फिर किसानों ने बैठक करके आगे की रणनीति तय करने का फैसला लिया। पहली बार किसानों ने रविवार को इटहिया के स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाई, जिसमें प्रभावित सभी गांवों से किसान जुटे। किसानों ने सख्त लहजे में चेताया कि यदि प्रशासन ने उचित निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन तय है।
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कर्महा निवासी चंद्रशेखर ने कहा कि जमीन की दर चार से पांच लाख रुपये प्रति डिसमिल है। प्रशासन हम लोगों को 60 हजार से एक लाख रुपये ही दे रहा है। इससे हम लोगों को बहुत नुकसान हो जाएगा। हमें बाजार रेट पर मुआवजा चाहिए।
इटहिया निवासी रामचरित्र ने कहा कि प्रशासन सिर्फ जमीन का ही मुआवजा देने को राजी है। जिनका मकान सड़क के दायरे में आ रहा है, उनको सिर्फ जमीन का मुआवजा मिलेगा, यह कहां का न्याय है। मकान का पैसा नहीं मिलेगा तो नया घर कैसे बनवा पाएंगे।
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बनकटी निवासी पन्नेलाल ने कहा कि अभी हम लोग एक बार फिर सीएम से मिलेंगे। उन तक अपनी बात पहुंचाना जरूरी है। अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं है। मुझे पूरा विश्वास है कि सीएम हम लोगों की पीड़ा समझेंगे।
बालापार निवासी अरविंद सिंह ने कहा कि प्रशासन जबरन निर्माण कराना चाहता है। हम लोगों ने तहसीलदार से कहा गया है कि जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो जाता है, तब तक कोई काम न कराएं। अब देखिए आगे क्या करते हैं।
तहसीलदार सदर विकास कुमार सिंह ने कहा कि किसान मुआवजा की रकम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनको आर्बिट्रेशन में जाने की सलाह दी गई है। कहा गया है कि जुलाई माह के अंत तक अपना वाद दाखिल करा दें। किसानों से अपील की गई है कि काम न रोकें। उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।