खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है। लेकिन मंगलवार को जीडीए का बुलडोजर नहीं चला। इससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। लोगों ने बैठक करके अधिकारियों से मिलने की रणनीति बनाई। प्रभावितों ने कहा कि शासन-प्रशासन से मदद की उम्मीद है। जीडीए अधिकारी चाहें तो उनको राहत दे सकते हैं। इसके लिए उनका प्रयास जारी रहेगा।
जीडीए ने खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के लिए जमीन का अधिग्रहण खोराबार, जंगल सिकरी और सैनिक नगर कॉलोनी में किया है। टाउनशिप के लिए कुछ दिनों से साफ-सफाई करके अतिक्रमण हटाया जा रहा है। जीडीए की ओर से अब तक खेतों में बनी चहारदीवारी, खाली पड़े टीनशेड के मकान, भूसा चारा रखने वाले निर्माण इत्यादि को ढहाया गया है। इससे लोगों के बीच दहशत है।
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20 से 25 साल पहले बने मकानों के टूटने से लोगों को बेघर होने की आशंका सता रही है। राहत के लिए लोग सांसद, विधायक, एमएलसी से मुलाकात कर चुके हैं। सोमवार को लोगों ने सीएम योगी को पत्रक देकर मदद की गुहार लगाई थी। मंगलवार को जीडीए अधिग्रहित क्षेत्र में बुलडोजर नहीं चलने से लोगों ने राहत महसूस की।
मंगलवार देर शाम बैठक करके लोगों ने आगे की रणनीति बनाई। तय किया कि सीएम से मिलने के बाद अभी जीडीए अधिकारियों की पहल का इंतजार करेंगे। इसके बाद भी उनके पक्ष में कोई निर्णय नहीं आया तो दोबारा कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों से मिलेंगे। प्रभावितों का कहना है कि अधिकारियों को कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे उनको राहत मिल सके। इस दौरान संजय कुमार मिश्र, विमलेश्वर, विजेश्वर, अनिल, पंकज, संतोष, गौरी शंकर, शशि शंकर, सुनीता, सोनू वर्मा, निधि पाठक, दिलीप सिंह, हरि शरण गुप्त, चंद्रभान सिंह आदि मौजूद रहे।