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गोरखपुर: सरैया डिस्टिलरी के मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, कर्मचारी भविष्य निधि की तरफ से की गई कार्रवाई

Wed, 20 Oct 2021 10:42 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

डिस्टिलरी प्रबंधन ने कर्मचारियों के वेतन से अंशदान काटा, लेकिन जमा नहीं कराया। कर्मचारियों की शिकायत के बाद क्षेत्रीय आयुक्त अभयानंद तिवारी ने पूरे मामले की जांच कराई। प्रवर्तन अधिकारी तारकेश्वर तिवारी को मौके पर भेजा और दस्तावेजों की जांच की गई। इससे गड़बड़ी पकड़ में आ सकी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि का अंशदान काटकर न जमा करने के आरोप में सरैया डिस्टिलरी सरदारनगर के मालिकों के खिलाफ चौरीचौरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। डिस्टिलरी में 300 कर्मचारी हैं। हर कर्मचारी के वेतन से 12 फीसदी का अंशदान काटा जाता है।
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जानकारी के मुताबिक, डिस्टिलरी प्रबंधन ने कर्मचारियों के वेतन से अंशदान काटा, लेकिन जमा नहीं कराया। कर्मचारियों की शिकायत के बाद क्षेत्रीय आयुक्त अभयानंद तिवारी ने पूरे मामले की जांच कराई। प्रवर्तन अधिकारी तारकेश्वर तिवारी को मौके पर भेजा और दस्तावेजों की जांच की गई। इससे गड़बड़ी पकड़ में आ सकी। इसी का नतीजा रहा कि सोमवार को चौरीचौरा थाने में डिस्टिलरी मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

क्षेत्रीय आयुक्त अभयानंद तिवारी का कहना है कि कर्मचारियों के हित का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डिस्टिलरी के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। जिस धाराओं में केस दर्ज हुआ है, वह गैर जमानती है।
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इन धाराओं में हुआ मुकदमा
  • कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम की धारा-8 में अंशदान न जमा करने वाले नियोक्ता की चल या अचल संपत्ति कुर्क करके जब्त करने का प्रावधान है। नीलामी भी की जा सकती है। गिरफ्तार करके जेल भेजने का प्रावधान है।
  • कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम की धारा-14 के तहत एक वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये का जुर्माना ठोका जा सकता है।
  • आईपीसी की धारा- 409 के तहत किसी व्यापारी, नियोक्ता व अभिकर्ता द्वारा विश्वास का हनन किया जाना गैर जमानती अपराध है। दस वर्ष का कारावास व जुर्माने का प्रावधान है।  
  • आईपीसी की धारा- 406 के तहत विश्वास का आपराधिक हनन में तीन वर्ष के कारावास व अर्थदंड या फिर दोनों का प्रावधान है। यह गैर जमानती है।
 
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सरैया डिस्टिलरी के मैनेजर मैनेजर अवनीश सिंह ने बताया कि थाने से मुकदमे की जानकारी मिली है। पूरी जानकारी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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