कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को कोरोना तेजी से अपना शिकार बना रहा है। संक्रमण को रोकने के लिए चल रही स्थिति में कैंसर के वह रोगी, जिन्हें कीमोथेरेपी करानी पड़ रही है, उनके लिए यह समय मुश्किलों भरा है। ऐसे रोगियों को चाहिए कि वह अपने चिकित्सक से परामर्श करके ही कीमोथेरेपी लें। जरूरत हो तो ही अस्पताल जाएं।
कैंसर विशेषज्ञ डॉ शहनवाज खान ने बताया कि कैंसर रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए कोरोना के संक्रमण के अतिरिक्त अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कैंसर का उपचार ले रहे रोगियों पर रिस्क तब और बढ़ जाता है, जब उन्हें किसी दूसरे रोग की भी समस्या होती है। हालांकि कैंसर के रोगियों में कोरोना का खतरा रोगी में संक्रमण की स्थिति के हिसाब से ही होता है।
यदि कैंसर रोगी हाइपरटेंशन या डायबिटीज से संक्रमित है तो संक्रमण का खतरा अन्य रोगियों की अपेक्षा बढ़ जाता है।