गीडा के सेक्टर-7 में सेंट्रल एकेडमी एजुकेशनल सोसाइटी को कोषाध्यक्ष एसके मिश्र के जरिए भूखंड आवंटित किया गया था। 13 सितंबर 2006 को आवंटित भूखंड का कब्जा 23 जनवरी 2009 को दे दिया गया। शर्तों के मुताबिक नौ महीने के भीतर जरूरी अवस्थापना सुविधाओं को पूरा करते हुए 24 महीने में शैक्षणिक क्रियाकलाप शुरू कर देना था।
ऐसा न करने पर गीडा प्रशासन की ओर से संस्था को कई बार नोटिस जारी किया गया। आठ दिसंबर 2021 को एक बार फिर नोटिस जारी कर भूखंड के रख-रखाव, समय विस्तारीकरण शुल्क एवं संस्था का निर्माण कर संचालित करने को कहा गया, लेकिन संस्था द्वारा पत्रों का उचित उत्तर नहीं दिया गया और न ही निर्माण कार्य किया गया।
गीडा प्रबंधन का कहना है कि जानबूझकर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। इसलिए भूखंड को निरस्त कर दिया गया है। आवंटी द्वारा जमा की गई धनराशि जब्त कर ली गई है। बकाया भुगतान के बाद कोई धनराशि बचेगी, उसे वापस कर दिया जाएगा।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि जिन लोगों ने गीडा में जमीन आवंटित कराने के बाद उसका उपयोग नहीं किया और विभिन्न मदों में बकाया भी नहीं जमा किया है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। इसी क्रम में सेंट्रल एकेडमी एजुकेशनल सोसाइटी को आवंटित 40,701 वर्ग मीटर भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।