उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा (यूपी) बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन सोमवार से शहर के पांच केंद्रों पर शुरू होगा। दो केंद्रों पर हाईस्कूल की चार लाख और तीन केंद्रों पर इंटर की तीन लाख कॉपियों का मूल्यांकन किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से जहां पहली बार मूल्यांकन केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे वहीं दूसरी तरफ जुबली इंटर कॉलेज में बने ऑनलाइन मॉनिटरिंग केंद्र से पांचों मूल्यांकन केंद्रों की लाइव निगरानी की जाएगी। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक कॉपियों का मूल्यांकन होगा।
मूल्यांकन में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को केंद्र में मोबाइल लेकर आने पर मनाही होगी। सीसीटीवी कैमरे और वायस रिकार्डर की मौजूदगी में कॉपियां जांची जाएंगी। हाईस्कूल में मूल्यांकन के लिए 191 डिप्टी हेड और 1939 परीक्षक, इंटर के लिए 104 डिप्टी हेड और 1023 परीक्षक लगाए गए हैं। एक परीक्षक को एक दिन में 50 कॉपियाों का मूल्यांकन करना है। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शिक्षकों को एक-एक मीटर की दूरी पर मूल्यांकन के लिए बैठाया जाएगा। वहीं हाथों की सफाई के लिए सैनेटाइजर और साबुन भी केंद्र पर मुहैया कराए गए हैं। डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मूल्यांकन की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। सोमवार को सुबह दस बजे से मूल्यांकन शुरू होगा। केंद्रों का औचक निरीक्षण भी करेंगे।
यहां होगा मूल्यांकन
हाईस्कूल- मिया साहब इस्लामियां इंटर कॉलेज, सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज।
इंटर - जुबली इंटर कॉलेज, एमजी इंटर कॉलेज और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज।
सादी वर्दी में तैनात रहेगी पुलिस, बिना परिचय पत्र नहीं मिलेगा प्रवेश
-मूल्यांकन केंद्र के 100 मीटर परिधि में धारा-144 लगी रहेगी, सादी वर्दी में ड्यूटी करेगी पुलिस
-हर केंद्र पर चार सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे
- मूल्यांकन कार्य में लगे समस्त कार्मिकों का परिचय पत्र जारी किया जाएगा
- बिना परिचय पत्र के केंद्र पर प्रवेश नहीं मिलेगा
मूल्यांकन के कार्य को स्थगित करने की मांग
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की बैठक रविवार को मंडल अध्यक्ष ज्योतिष कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए 16 मार्च से शुरू हो रहे मूल्यांकन कार्य को स्थगित कराए जाने की मांग की गई। कहा कि कोरोना वायरस विश्व व्यापी महामारी का रूप ले चुका है। प्रदेश सरकार ने 22 मार्च तक सभी स्कूल और कॉलेज को बंद कर दिए हैं।
ऐसे में मूल्यांकन कार्य के दौरान भी सैकड़ों की संख्या में लोग मूल्यांकन केंद्रों पर एकत्र होंगे। बैठक में हरिमिलन शाही, राम मोहन शाही, बलवंत सिंह, डॉ. उमेश चंद्र उपाध्याय, प्रवीन तिवारी, जैनेंद्र सिंह, राजेश चंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के संयुक्त मंत्री आशीष मणि ने भी मूल्यांकन कार्य स्थगित करने की मांग की है।