दिग्विजय नाथ स्नाकोत्तर महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में मंचासीन प्राचार्य डॉ शैलेंद्र प्रताप सिंह अन्य।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान संदर्भ में महात्मा गांधी न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर महामानव के रूप में प्रतिष्ठित हैं, जिनके आदर्श, विचार, जीवन मूल्य और दर्शन को संपूर्ण विश्व ने स्वीकार किया। गांधी जी ने अपने जीवन में सत्य, अहिंसा को तो आधार माना ही, साथ ही अपरिग्रह के सिद्धांत को भी नैतिक जीवन का एक हिस्सा माना।
डॉ महेंद्र सिंह ने बुधवार को डीवीएन पीजी कॉलेज में ‘21 वीं सदी में गांधी दर्शन की प्रासंगिकता’ विषय पर संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कार्य को करने से पहले उसे स्वयं पर प्रयोग करते थे और उनके इस विचार में किसी प्रकार का दुराग्रह नहीं होता था। विशिष्ट वक्ता सीआरपीडी कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ विवेक शुक्ला ने कहा कि सामाजिक समरसता तथा मानवीय एकता के लिए गांधी जी ने विशेष आंदोलन चलाया और अहिंसा को एक ऐसा अस्त्र माना जिसके बल पर शक्तिशाली ताकतों का भी झुकाया जा सकता है।