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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या: किसने फोनकर महिला को बुलाया था कुटिया पर, जानने के बाद ही खुलेगा कातिल का राज

Mon, 29 May 2023 05:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में चौरीचौरा के बैकुंठपुर में महिला तांत्रिक उषा देवी की हत्या तंत्रमंत्र के चक्कर में ही हुई है। अभी तक की जांच में पुलिस अफसर यही मान रहे हैं, लेकिन अब जांच पूरी तरह से इस बात पर टिक गई है कि कातिल गांव-घर का है या बाहरी। हालांकि, यह तो तय है कि हत्यारे के पास उषा की गतिविधियों की सटीक जानकारी थी। अब पुलिस यह जानने में लगी है कि आखिर वह शख्स कौन था, जिसने सुबह उषा को फोन करके कुटिया पर बुलाया था।

हत्या के पर्दाफाश के लिए जुटी पुलिस गांव के बाहर आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसी टीवी कैमरों को खंगाल रही है। वहीं, मृत उषा के सीडीआर का भी पुलिस को इंतजार है। बताया जा रहा है कि उषा के मोबाइल पर रविवार सुबह सात बजे के करीब एक फोन आया था, जिसके बाद वह रिश्तेदार महिला के साथ कुटिया पर गई थी।

 
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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
यह फोन किसका था, यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाइक सवार कातिल फोन आने के आधे घंटा बाद ही पहुंचा था। आमतौर पर कुटिया पर सोमवार को झांड़-फूंक कराने वालों की भीड़ लगती है। लेकिन, भीड़ नौ बजे के बाद ही होती है। ऐसे में सुबह उषा कुटिया पर है, इसकी सटीक जानकारी फोन करने वाले को थी। फिलहाल, पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है और जल्द पर्दाफाश का दावा कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, पांच साल पहले उषा के सिर में दर्द और झटके आने की दिक्कत थी। तब उसे किसी ने बंसडीजला के एक मौलवी के बारे में जानकारी दी थी। उषा का दावा रहता था कि तंत्रमंत्र से पहले तो उसे राहत नहीं मिली, लेकिन बाद में पूरी तरह से उसकी बीमारी ठीक हो गई। इसके बाद उषा ने गांव के बाहर सिवान में अपना कुटिया बना ली। फिर वह अचानक अजीब से हरकत करने लगती थी और बताई की उसके सिर पर उसके गुरु आते हैं। फिर क्या, उसके इस अंधविश्वास में आकर मौलवी के जिंदा रहते ही मजार बना दिया।

 
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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं पर हिंदू देवी देवताओं की फोटो भी लगा दी। इसका भी उसके पट्टीदार विरोध करते थे, लेकिन वह प्रत्येक सोमवार को तंत्रमंत्र के अंधविश्वास का बाजार लगाती थी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी आतीं थीं। आने वाले लोगों को गुरु की पूजा भी करनी होती थी।

पट्टीदार भी पहले करता था तंत्रमंत्र, तीन साल पहले बंद कर दिया
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गांव में उषा का एक पट्टीदार भी पहले तंत्रमंत्र करता था, लेकिन तीन साल पहले जब उषा ने इस काम को शुरू किया तो उसने तंत्रमंत्र बंद कर दिया। उससे उषा की पुरानी रंजिश भी है। रंजिश उस समय और गहरी हो गई, जब उषा ने तंत्रमंत्र शुरू कर दिया। उस परिवार को लगता था कि उषा की वजह से अब उसके अंधविश्वास की दुकान नहीं चल पा रही है। पुलिस इस बिंदु पर भी काम कर रही है। फिलहाल, पुलिस को सीडीआर का इंतजार है।

 

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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
पति के विरोध पर गांव के बाहर सिवान में बना ली कुटिया
उषा का पति गया मौर्या मजदूरी करता है। उषा ने जब इस काम की शुरुआत की तो पति ने इसका विरोध भी किया। लेकिन, उषा नहीं मानी तो उसने गांव के बाहर जाकर अंधविश्वास की कुटिया चलाने की सलाह दी। इसके बाद ही उषा गांव के सिवान में चली गई, जहां पर आमतौर पर गांव वालों का आना जाना कम होता है। पुलिस कुटिया में नियमित तौर से आने वालों की भी पहचान कर जांच में जुटी है।

सोखा रजिस्टर में दर्ज था तांत्रिकों का बही खाता, लंबे समय से अपडेट ही नहीं
पुलिस के पास एक सोखा रजिस्टर है, जिसमें तांत्रिकों का बही खाता दर्ज किया जाता है। जिसमें 254 तांत्रिक चिन्हित हैं। लेकिन, लंबे समय से सोखा रजिस्टर को अपडेट ही नहीं किया गया। बही खाता के मुताबिक गगहा इलाके में सबसे ज्यादा तांत्रिक रहते हैं। पिपराइच और चौरीचौरा इलाके में पांच से सात तांत्रिक ऐसे हैं, जो लोगों के दुख-दर्द को झाड़-फूंक के दम पर खत्म करने का वादा करते हैं और इसका पोस्टर लगाकर प्रचार करते हैं।
 
जब पुलिस ने तांत्रिकों को चिन्हित करने का काम शुरू किया था तब, जिले में 259 तांत्रिकों की पहचान कर ली थी। उस समय मिले आंकड़ों के अनुसार, गगहा में 76 तांत्रिक में सामने आए थे। वहीं राजघाट में 6, तिवारीपुर 2, कैंट में 7, खोराबार में 8, रामगढ़ताल में 4, गोरखनाथ में 3, कैंपियरगंज में 4, सहजनवां में 15, पीपीगंज में 18, गीडा में 6, चिलुआताल में 7, चौरीचौरा में 9, झंगहा में 6, पिपराइच में 23, गुलरिया में 17, बांसगांव में 14, गोला में 16, बड़हलगंज में 2, खजनी में 3, सिकरीगंज में 6, हरपुरबुदहट में 7 सोखा और तांत्रिक पहचाने गए थे। लेकिन, समय बदलने के साथ ही पुलिस ने इस पर कार्रवाई बंद कर दी।
 
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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
 
तंत्रमंत्र के चक्कर में हुई घटनाएं, कई में आबरू भी लूटी गई
  • 19 अगस्त, 2021 को पिपराइच के मटिहनिया सोमानी में गन्ने के खेत में एक पांच साल के बच्चे गजेंद्र पुत्र दिलीप की लाश मिली थी। हत्यारों ने बच्चे के दोनों हाथ पीछे करके बांध दिए थे। उसके मुंह में भी काला कपड़ा ठूंस दिया था। ऐसा लगता था कि तड़पा कर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में गांव के तांत्रिक को गिरफ्तार किया था। घटना में बच्चे की बलि चढ़ाई गई थी।
  • 1 सितंबर, 2021 सिकरीगंज के बारीगांव में बृजेश के छह साल के बेटे प्रतीक निषाद का अपहरण कर लिया गया था। वह घर के बरामदे में मां के साथ सोया था। हालांकि, पुलिस ने पांच घंटे में बच्चे को बरामद कर लिया था। यह घटना भी तंत्र मंत्र के चक्कर में हुई थी।
  • जुलाई 2021 को तंत्र मंत्र के चक्कर मे झंगहा में हरिनारायण की हत्या उसके भतीजे चंद्रकेश व रामनाथ ने की थी।
  • 6 अप्रैल 2022 को बांसगांव के बहोरवा निवासी बच्चें लक्ष्य उर्फ गोलू की हाथ पैर बांधकर हत्या हुई थी। पुलिस की तत्कालीन जांच में तंत्र मंत्र आया था। लेकिन, घटना का अभी तक खुलासा नही हुआ।
  • 21 अप्रैल 2022 को सिकरीगंज में बच्चे का कटा हुआ सिर मिला था, जिसमे तंत्र मंत्र की बात सामने आ रही थी।
  • हरपुर बुदहट इलाके में भी वर्ष 2016 में एक बच्चे का अपहरण कर हत्या की गई थी उसकी लाश खेत में मिली थी। घटना तंत्र मंत्र में हुई थी।
  • 2017 में तांत्रिक को दिखाने गए दंपती की हत्या कैम्पियरगंज में हुई थी। जिसमे तांत्रिक गिरफ्तार हुआ था।
  • 2022 सितंबर: कैंपियरगंज में सोखा एक ही घर की तीन महिलाओं को बीमारी दूर करने के लिए आधी रात को बुलाता था। महिलाओं को बुलाकर नशीला पदार्थ खिला देता, इसके बाद उनके साथ दुष्कर्म करता था।
  • 2022 सितंबर: चौरीचौरा में तंत्र-मंत्र करने वाला सोखा गंगाराम के पास एक महिला आई जिसे बच्चा नहीं हो रहा था। गंगाराम ने महिला से कहा कि तंत्रमंत्र से बच्चा पैदा नहीं होगा तो उसे एक दिन रात में मठ में रुकना पड़ेगा। इसके बाद महिला का नंबर लेकर सोखा उसे अश्लील मैसेज भेजने लगा।

 
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तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
ये पूजा कराते हैं तांत्रिक
वशीकरण पूजा, बलि चढ़ाना, डायन साधन, काम साधना, वीर साधना, काली पूजा, काला जादू, भैरो पूजा, नरण पूजा, गुडिय़ा बांधना, जीभ काटकर चढ़ाना, शव पर बैठकर साधना।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि गोरखपुर जिले के हर थाने पर सोखा रजिस्टर बना हुआ है, उसे अपडेट कराया जाएगा। जिन थानों में सोखा और तांत्रिक की निगरानी नहीं हो रही है। वहां पर फिर से निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई जाएगी।
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