तांत्रिक ऊषा की हथोड़े से हत्या।
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पति के विरोध पर गांव के बाहर सिवान में बना ली कुटिया
उषा का पति गया मौर्या मजदूरी करता है। उषा ने जब इस काम की शुरुआत की तो पति ने इसका विरोध भी किया। लेकिन, उषा नहीं मानी तो उसने गांव के बाहर जाकर अंधविश्वास की कुटिया चलाने की सलाह दी। इसके बाद ही उषा गांव के सिवान में चली गई, जहां पर आमतौर पर गांव वालों का आना जाना कम होता है। पुलिस कुटिया में नियमित तौर से आने वालों की भी पहचान कर जांच में जुटी है।
सोखा रजिस्टर में दर्ज था तांत्रिकों का बही खाता, लंबे समय से अपडेट ही नहीं
पुलिस के पास एक सोखा रजिस्टर है, जिसमें तांत्रिकों का बही खाता दर्ज किया जाता है। जिसमें 254 तांत्रिक चिन्हित हैं। लेकिन, लंबे समय से सोखा रजिस्टर को अपडेट ही नहीं किया गया। बही खाता के मुताबिक गगहा इलाके में सबसे ज्यादा तांत्रिक रहते हैं। पिपराइच और चौरीचौरा इलाके में पांच से सात तांत्रिक ऐसे हैं, जो लोगों के दुख-दर्द को झाड़-फूंक के दम पर खत्म करने का वादा करते हैं और इसका पोस्टर लगाकर प्रचार करते हैं।
जब पुलिस ने तांत्रिकों को चिन्हित करने का काम शुरू किया था तब, जिले में 259 तांत्रिकों की पहचान कर ली थी। उस समय मिले आंकड़ों के अनुसार, गगहा में 76 तांत्रिक में सामने आए थे। वहीं राजघाट में 6, तिवारीपुर 2, कैंट में 7, खोराबार में 8, रामगढ़ताल में 4, गोरखनाथ में 3, कैंपियरगंज में 4, सहजनवां में 15, पीपीगंज में 18, गीडा में 6, चिलुआताल में 7, चौरीचौरा में 9, झंगहा में 6, पिपराइच में 23, गुलरिया में 17, बांसगांव में 14, गोला में 16, बड़हलगंज में 2, खजनी में 3, सिकरीगंज में 6, हरपुरबुदहट में 7 सोखा और तांत्रिक पहचाने गए थे। लेकिन, समय बदलने के साथ ही पुलिस ने इस पर कार्रवाई बंद कर दी।