देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव के लिए तीन नवंबर को शुरू हो गया है। आज मंगलवार को 14 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 3,36,565 मतदाता करेंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चलेगा।
बता दें कि मतदान के लिए सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से पोलिंग पार्टियां रवाना हुईं, जो शाम तक बूथों पर ईवीएम व अन्य सामग्री के साथ पहुंच गईं। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से मतदान कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से मतदान के लिए सोमवार को पोलिंग पार्टियां बसों से रवाना हुईं। कॉलेज परिसर में करीब 36 काउंटर बनाए गए थे। इसमें माइक्रो ऑर्ब्जवर व सेक्टर मजिस्ट्रेट के लिए एक-एक, पीठासीन अधिकारी के लिए छह तथा मतदान अधिकारी के लिए 25 काउंटर, पुलिस हेल्प डेस्क आदि शामिल रहे। प्रेक्षक के लिए भी अलग से टेंट लगा था। काउंटरों पर कार्मिकों की भीड़ थी।
वे ड्यूटी पत्र, ईवीएम, स्टेशनरी व अन्य सामग्री के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। कुछ दूरी पर रिजर्व कार्मिक थे। अनुपस्थित कर्मचारियों के स्थान पर उनकी ड्यूटी लगाई जा रही थी। इस दौरान कोविड-19 के नियमों की अनदेखी की जा रही थी। कुछ लोग मॉस्क नहीं लगाए थे तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा था। ईवीएम व अन्य सामग्री लेने के बाद कार्मिकों ने बैठकर उनका मिलान किया। इसके बाद अपनी पार्टी के साथ बसों से रवाना हो गए।
विधानसभा क्षेत्र में 184 मतदान केंद्र तथा 487 बूथ बनाए गए हैं। यहां 1,82,251 पुरुष तथा 1,54,302 महिला एवं 12 अन्य मतदाता अपने मतदाधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदेय स्थलों पर बिजली, पानी, शौचालय, रैंप की व्यवस्था की गई है। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए व्हील चेयर उपलब्ध रहेगा।
शांतिपूर्ण माहौल में निष्पक्ष मतदान के लिए प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र को आठ जोन व 48 सेक्टर में बांटा है। इसके लिए जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई, जो अपने क्षेत्र में भ्रमण करते रहेंगे। इसके अलावा 33 माइक्रो ऑब्जर्वर एवं 15 स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अमित किशोर ने कार्मिकों को मतदान पूरी निष्पक्षता व बिना भेदभाव एवं आयोग के निर्देशों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि कोई ऐसा कार्य नहीं करें, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो। उन्होंने कार्मिकों को निर्विघ्न व सकुशल मतदान संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।