शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में तितलीघर में नवंबर से दर्शकों को तितलियां फिर से देखने को मिलेंगी। इसके अनुसार बदलाव का कार्य पूरा हो चुका है। सर्द मौसम आते ही खूबसूरत तितलियों का आगमन शुरू हो जाएगा।
तितलीघर बंद होने से तितलियां उसमें नहीं रुक रही थीं।
सर्द मौसम तितलियों को पसंद आता है, लेकिन अत्यधिक गर्मी होने से वह तितलीघर से बाहर चली जाती थीं। चिड़ियाघर सोसाइटी की बैठक में इसे रखा गया था, जिसके बाद एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने फैसला लिया कि तितलीघर खोला जाए। इसमें नए पौधे लगाए जाएं, ताकि तितलियां आकर उस पर बैठें।
अधिकारियों ने चिड़ियाघर का निरीक्षण भी किया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद तितलीघर में बड़ी खिड़कियां खोली गईं, ऊपर एक्जॉस्ट लगाया गया, ताकि अंदर की गर्मी बाहर निकल सके और नए पौधे लगाए गए।
लगाए गए हैं ये पौधे
चिड़ियाघर के मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि तितलियों को फूल, फल और पत्तियों वाले मीठे पौधे पसंद हैं। उनके लिए कोस्मोस, चंपा, गेंदा, मदार, चमेली, गुलाब, बटरफ्लाई बुश, लैंटाना, जेनिया, मरिगोल्ड, सूरजमुखी, हिबिस्कस, पेटुनिया, डहेलिया आदि को तितलीघर में लगाया गया है। सर्द मौसम आते ही तितलियां अपने आप इस पर आकर बैठने लगेंगी। तितलीघर पैक होने की वजह से इसमें वह नहीं रुक रही थीं।