अंबे गहना बाजार में भी ये जोड़ी प्रति सप्ताह आपूर्ति देती है। सराफा भवन के पास के व्यावसायिक कटरे में भी जोड़ी आती है। इसके अलावा, गोपी गली में भी अवैध धंधेबाजों के नेटवर्क का कनेक्शन है। यहां भी इनके द्वारा अवैध सोना देकर खपाया जाता है। इसके अलावा कुछ और धंधेबाज दुकानदार हैं, जहां के सोने की आपूर्ति करते हैं। हिंदी बाजार के अलावा दूसरे बाजारों के भी कुछ धंधेबाजों तक इनकी पहुंच है।
भरोसे के बल पर करोड़ों का सौदा
अवैध सोने-चांदी के धंधेबाज बेहद विश्वास वाले होते हैं। सूत्र बताते हैं कि करोड़ों रुपये का सौदा भरोसे के बल पर किया जाता है। बुधवार और रविवार को बाजार में आने वाले मामा-भांजे और ड्राइवर पहले डिमांड के अनुसार क्रेडिट पर सोना दे देते हैं। एक से दो दिन बाद बाजार जाकर ड्राइवर नकदी लेकर हिसाब पूरा कर देता है। ये पूरा सिस्टम व्यवस्थित तरीके से चलता है।
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मामा के यहां शादी में शामिल हुए थे बाजार के कई व्यापारी
मामा के यहां 25 से 27 नवंबर तक वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। लड़के की शादी थी। अयोध्या से शादी संपन्न की गई थी। सूत्र बताते हैं कि बाजार से भी ये व्यापारी शादी में शिरकत करने पहुंचे थे। एजेंसी के पास शादी में गए व्यापारियों के नाम की सूची भी पहुंच गई है। सूत्रों ने बताया कि टीम को अंदेशा था कि गोरखपुर के भी व्यापारी भी इस बार अवैध धंधेबाजों के साथ हैं। लेकिन गोरखपुर के व्यापारी की जगह यहां के व्यापारी का कर्मचारी पकड़ा गया।
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10 तारीख को भी बाजार में आई थी जोड़ी
10 नवंबर को भी बाजार में मामा-भाजे की जोड़ी आई थी। सूत्रों ने बताया कि अपने इन्हीं सब व्यापारी साथियों के पास जोड़ी ने अवैध सोने की खेप दी थी और नकद बकाया लगाया था। एजेंसी को इसकी भी जानकारी हो गई है। सूत्रों ने बताया कि यहां सप्लाई देकर दूसरी खेप लेकर वापस बुधवार को देने के लिए लखनऊ से निकले थे। इस बार गाड़ी में सिर्फ मामा ही था। डीआरआई की टीम ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ट्रेन में दो किलो सोना चोरी हो गया था
मामा-भांजे की जोड़ी के एक करीबी का करीब छह महीने पहले डेढ़ से दो किलो सोना ट्रेन में चोरी हो गया था। सूत्र बताते हैं कि यह सोना भी अवैध था। ऐसे में व्यापारी की तरफ से इसके गायब होने की सूचना तक नहीं दी गई थी। लेकिन, बाजार में सोना चोरी होने की चर्चा फैल गई थी।
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मामा और मुंबई की फर्म बन गई साझेदार
सूत्रों ने बताया कि बस्ती शहर का रहने वाला मामा मुंबई की बड़ी फर्म का साझेदार है। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि फिलहाल अवैध सोने का ट्रांजिट प्वाइंट म्यांमार बन गया है। यहां से भारत में बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी हो रही। यह सोना म्यांमार बॉर्डर क्रॉस कर इंफाल पहुंचाया जाता है। जहां से उसे सड़क मार्ग से कैरियर के जरिये दिल्ली, कोलकाता व मुंबई तक पहुंचाते हैं।