फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: नहीं सुधर रहे बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालक...जाम ही जाम

विज्ञापन
रेलवे बस स्टेशन के सामने एक लेन पर खड़ी रोडवेज बसें।अमर उजाला
विज्ञापन
रेल म्यूजियम से लेकर बस स्टैंड तक गाडियों के रेले से राहगीर रहे परेशान
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों को 10 मिनट का सफर तय करने में लगे आधे घंटे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बृहस्पतिवार को एक बार फिर चरमरा गई। रेल म्यूजियम से लेकर बस स्टैंड तक बुधवार को घंटों लंबा जाम लगा रहा। सड़क पर ऑटो, ई-रिक्शा और बस चालकों की मनमानी से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया। हालत यह रही कि रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड तक पहुंचने में यात्रियों को 10 मिनट का सफर आधे घंटे में तय करना पड़ा।
सुबह से ही रेलवे स्टेशन रोड पर अव्यवस्था का आलम था। रेल म्यूजियम, स्टेशन रोड, गोलघर चौराहा और बस स्टैंड के बीच हर जगह ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने मनमाने तरीके से वाहन खड़े कर रखे थे। कहीं सवारियां बैठाने की होड़ तो कहीं बीच सड़क पर वाहन रोकने की वजह से ट्रैफिक थम गया। सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग और अवैध ठहराव के कारण दोपहिया वाहनों तक को निकलने में दिक्कत हो रही थी।
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को पैदल ही सामान खींचते हुए बस स्टैंड की ओर बढ़ना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय की कमी के चलते यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जब तक ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक गोरखपुर की सड़कों पर जाम का संकट यूं ही बना रहेगा।


अधिकारी रहे मीटिंग में व्यस्त, नहीं चल सका अभियान
बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी के चलते लग रहे जाम को लेकर एसपी ट्रैफिक बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ अभियान चलाने वाले थे, लेकिन धनतेरस, दीपावली, छठ पूजा की तैयारियों को लेकर चल रही मीटिंग के चलते यह टल गया। इधर, ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी रुक-रुक कर व्यवस्था संभालने पहुंचे लेकिन उनकी मौजूदगी में भी जाम खत्म नहीं हुआ। देर शाम तक स्थिति जस की तस बनी रही। बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालक सड़क पर अपनी सुविधा से वाहन रोकते रहे और ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उधर, मंडलायुक्त के निर्देश के बावजूद भी रोडवेज बसें, स्टैंड के बाहर सड़क पर सवारियां भरतीं नजर आईं।


यात्रियों की परेशानी
लखनऊ जाने वाली बस पकड़ने आए संदीप तिवारी ने बताया कि रेल म्यूजियम से बस स्टैंड तक पहुंचने में 25 मिनट लग गए। पूरे रास्ते में जाम था। कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। वहीं स्टेशन जाने वाली प्रिया श्रीवास्तव ने कहा कि ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से सड़क पर निकलना ही मुश्किल है। प्रशासन के अभियान का असर सिर्फ एक दिन ही दिखता है।
-
रेलवे व बस स्टेशन पर जाम से दुकानदार परेशान
पिछले बीस दिनों से यहां जाम की स्थिति लगातार बनी हुई है। रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक से लेकर कतारबद्ध होकर बसें खड़ी हो जाती हैंं। इससे सड़क की दूसरी लेन से हमारी दुकान दिखाई नहीं देती। इसके कारण हमारी बिक्री दर में गिरावट आई है।
विज्ञापन

- टुनटुन शर्मा, मिठाई दुकानदार

मोहद्दीपुर की ओर से आने वाली ज्यादातर बसें भी अब इसी रूट से होकर आ रही हैं। इससे रेलवे बस स्टेशन रोड पर जाम की स्थिति और बढ़ गई है। जाम के कारण न केवल दुकानदार परेशान हैं, बल्कि यात्री भी दूसरे रास्ते से आने लगे हैं, जिससे दुकानों की बिक्री प्रभावित हो रही है।
- बलदेव वर्मा, दुकानदार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें