सर्विलांस से पड़ताल में पता लगा कि जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी गई है, वह फायर ब्रिगेड संतकबीरनगर में तैनात सिपाही विष्णुकांत के नाम से रजिस्टर्ड है। कुशीनगर जिले के मूल निवासी विष्णुकांत नंदानगर में मकान बनवा कर रहे हैं।
16 नवंबर को उन्होंने मोबाइल फोन गायब होने की सूचना संतकबीरनगर में दर्ज कराई थी। इस बीच रंगदारी के लिए फोन करने वाले शातिरों ने फोन करने के बाद सिमकार्ड निकालकर दूसरे मोबाइल में लगा दिया। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उनको धर दबोचा।
चोर से खरीदा था 270 रुपए में मोबाइल फोन
आरोपी विकास ने पुलिस को बताया कि नंदानगर में उसकी चाय की दुकान है। 16 नवंबर को नंदानगर में रहने वाले एक मोबाइल चोर ने उसे 270 रुपए में मोबाइल फोन बेचा था। उसे यह नहीं पता था कि वह मोबाइल व सिम किसी सिपाही का है। वह रुपए का इंतजाम करने के लिए परेशान था।
इस बीच उसे ध्यान आया कि श्रीराम वर्मा से पैसे मांगने पर वह चुपचाप दे देंगे और पुलिस को जानकारी नहीं हो पाएगी। इसलिए उसने चोर से मोबाइल खरीद कर उससे कॉल करके श्रीराम से रंगदारी मांग ली। पुलिस के अनुसार दोनों का कोई पुराना अपराधिक इतिहास नहीं है। दूसरा आरोपित आदर्श फर्नीचर की दुकान पर काम करता है।
आरोप सिद्ध हुआ तो हो सकती है दस वर्ष तक की सजा
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 504, 507 व 386 में केस दर्ज किया है। अगर आरोप कोर्ट में सिद्ध हुआ और दोनों दोषी हुए तो अधिकतम दस साल की सजा हो सकती है। क्योंकि धारा 507 में अधिकतम सात साल व 386 में दस वर्ष की सजा का प्रावधान है।