नदी में डूबने से बाएं शुभम और दाएं शिवम की मौत हो गई। दोनों सगे भाई थे।
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गोरखपुर जिले के गोला इलाके बारानगर में सगे भाइयों शुभम यादव (20) और शिवम यादव (18) की चिता एक साथ जली तो हर आंख नम दिखी। हर दिल रोया और जुबान से एक ही बात निकली कि क्या बिगाड़ा था मां-बाप ने। मां की गोद सुनी हो गई। अब वंश को आगे बढ़ाने वाला कोई नहीं रह गया। घर का चिराग बुझा तो पिता के अरमान आंसुओं में बह गए। पिता अपने दोनों लाल को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनना चाह रहे थे। इसीलिए लखनऊ पढ़ने के लिए भेजा था, लेकिन मौत खींचकर दोनों को गोरखपुर ले आई।
गोला इलाके के बारानगर में सरयू में नहाने के दौरान रविवार को डूबे सगे भाइयों शुभम व शिवम का शव 24 घंटे बाद सोमवार को नदी में उतराते मिला। शव मिलते ही एक बार फिर घर में चीख-पुकार मच गई। शव के आसपास लोगों को जमावड़ा हो गया। मां-बाप की चीखने की आवाज सुन हर किसी की आंख नम हो जाती थी।
गांव में मातम पसर गया। किसी के घर चूल्हे नहीं जले। हर जुबान पर सगे भाइयों की मौत की चर्चा व परिवार पर टूटे पहाड़, की रही। ग्रामीणों का कहना था कि मृत शुभम व शिवम की बहनें भी नहीं हैं। दोनों ही मां-बाप की लाठी थे, जो एक साथ टूट गए।