महराजगंज के मोहर्रम उर्फ राहुल और उसके गिरोह ने गोरखपुर के खोराबार इलाके की किशोरी को अजमेर में बेचा था। गिरोह के लोग पहले उसे दिल्ली ले गए थे। वहां से उसे अजमेर ले जाया गया जहां बोली लगी।
अजमेर के गांधीनगर क्षेत्र के रहने वाले जिस युवक ने उसे खरीदा था, उसके घर में वह तीन महीने तक रही जहां उसे काफी प्रताड़ित किया गया। गोरखपुर आने के बाद मां से मुलाकात पर किशोरी ने आपबीती बताई।
सूत्रों ने बताया कि घर पर रहने के दौरान वह स्मार्टफोन काफी चलाती थी। पढ़ाई न करने की वजह से मां उसे डांटती रहती थी। इसी बीच मार्च में वह खोराबार क्षेत्र की आरोपी महिला राधा के संपर्क में आ गई। राधा ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
किशोरी के मुताबिक, राधा ने उससे कहा था कि दिल्ली में होटल में काम करने का मौका मिलेगा। वहां पर अच्छी तनख्वाह के साथ रहना-खाना फ्री होगा। मां की डांट से नाराज होकर किशोरी राधा के झांसे में आ गई और कुछ दिन तक राधा के साथ गोरखपुर में रही। इसके बाद वह दिल्ली चली गई।
वहां पर गिरोह के गुर्गे पहले से सक्रिय थे जो किशोरी को लेकर अजमेर गए। वहां पर उसकी बोली लगनी शुरू हुई। गिरोह ने किशोरी की कीमत 50 हजार रुपये रखी थी।
अंतिम बोली राजस्थान के एक व्यक्ति ने लगाई और 1.80 लाख रुपये देकर किशोरी को खरीद लिया। इसके बाद वह उसे लेकर अपने घर चला गया। करीब तीन माह तक किशोरी उसके घर में थी। इस दौरान उसे काफी प्रताड़ित किया गया।
कमजोर परिवार की लड़कियों को करते थे टारगेट
पुलिस की जांच में पता चला कि महराजगंज के निचलौल का रहने वाला मोहर्रम उर्फ राहुल और गिरोह के गुर्गे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को टार्गेट करते थे। ज्यादातर गरीब लड़कियों को ही झांसे में लेते थे उनमें भी ऐसी जिनके भाई न हों। ऐसा इसलिए करते थे कि जिन लड़कियों को बेचें उन्हें खोजने की कोई कोशिश न करे। ज्यादातर केस में गिरोह सफल भी रहा।
किशोरी मां की शिकायत पर हुई जांच में गिरोह का पर्दाफाश
लड़कियों की खरीद-फरोख्त की जानकारी पुलिस को तब हुई जब पिपराइच क्षेत्र के एक गांव की महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के 15 मार्च से लापता होने के संबंध में चार जुलाई को खोराबार क्षेत्र के जंगल रामगढ़ उर्फ चंवरी की रहने वाली राधा के खिलाफ केस दर्ज कराया।
पुलिस ने किशोरी को 11 जुलाई को उनौला रेलवे स्टेशन के पास से खोज निकाला। किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसे राजस्थान में 1.80 लाख रुपये में बेच दिया गया था। किशोरी के बयान पर पिपराइच पुलिस ने खोराबार में किराए पर कमरा लेकर रह रहे सन्नी और उसकी पत्नी राधा के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के अजमेर जिले के गांधीनगर थानाक्षेत्र के सुंदरनगर निवासी बागचंद प्रजापति, सानसीदरी थाना क्षेत्र के हरमाड़ा निवासी सरवन पुरी, आगरा जिले के ताजगंज थाना के शमशाबाद लोधी मार्ग निवासी सन्नी और उसकी पत्नी राधा को 11 जुलाई को ही गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
मोहर्रम की कुंडली खंगाल रही पुलिस, मददगारों की तलाश
महराजगंज के निचलौल क्षेत्र के बूढ़ाडीह कला गांव के मोहर्रम की कुंडली पुलिस खंगाल रही है। साथ ही उसके नेटवर्क और मददगारों की जानकारी की जा रही है। पुलिस उसके नेपाल कनेक्श के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। गुजरे वक्त में जो लोग उसके घर हालचाल जानने पहुंचते थे, अब वे किनारा कर लिए हैं।
निचलौल थाना क्षेत्र के बूढ़ाडीह कला का रहने वाला मोहर्रम उर्फ राहुल खान गांव में शांत रहता था। वह बहुत कम लोगों से संबंद्ध रखता था। लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य बनने के बाद अपना नेटवर्क फैलाता था। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो नेपाल में उसके कई मददगार रहे।
उनके जरिए वह नेपाल की लडकियों को भी झांसा देकर फंसाता था। बताया जाता है कि सोशल मीडिया पर खासकर युवतियां उसकी फ्रेंड लिस्ट में अधिक हैं। आरोपी मोहर्रम दिल्ली से लौटने के बाद घर पर ही चिकन का दुकान चलाने लगा था।
सूत्रों से पता चला कि दिल्ली में रहने के दौरान आरोपी युवक मोहर्रम उर्फ राहुल खान की मुलाकात सन्नी नाम के एक शख्स से हुई थी। उसी के संपर्क में आने के बाद मोहर्रम भी इस धंधे में लगा गया था। उसके पास कृषि के लिए कोई भूमि नहीं है।
वह दिल्ली में रहकर सिलाई करता था। मोहर्रम करीब छह माह पहले दिल्ली से घर आया था। इसके बाद फिर दिल्ली नहीं गया। उसकी पत्नी नसीबून निशा और तीन बेटियां घर पर हैं। निचलौल पुलिस के मुताबिक उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पति की करतूत पर पर्दा डालती थी पत्नी
लड़कियों को हरियाणा और राजस्थान में नौकरी की लालच देकर बेचने वाले गिरोह में शामिल आरोपी मोहर्रम उर्फ राहुल खान के कारनामे पर हर कोई हैरान है। मोहर्रम की गिरफ्तारी के बाद अब उसके राज खुलने शुरू हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि मोहर्रम की पत्नी पति की करतूत को परिवार के सदस्यों के साथ ही रिश्तेदारों से छुपाने का प्रयास करती थी।
यही कारण है कि मोहर्रम करीब छह माह पहले दिल्ली से घर लौटने के बाद फिर नहीं गया। सूत्रों की मानें तो गांव पर ही चिकन का दुकान खोलने का बहाना बनाकर सीमावर्ती क्षेत्रों और नेपाली लड़कियों को झांसे में लेकर धंधा करता था। आरोपी मोहर्रम के सोशल मीडिया पर फेसबुक एकाउंट को देखने वाली तस्वीरें अधिकतर राजस्थान और हरियाणा की है। मोहर्रम लग्जरी वाहनों में भी घूमने का शौक रखता था।