फायर हाउस बॉक्स से गायब मिले पाइप, कई जगह कचरा भरा
जिला अस्पताल में छोटे अग्निशमन यंत्र मिले चालू हालत में
गोरखपुर। लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पड़ताल में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय में फायर सेफ्टी के इंतजामों में गंभीर खामियां सामने आईं, जबकि जिला अस्पताल में कुछ कमियां मिलने के बावजूद सुधार की दिशा में प्रयास दिखाई दिए।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय में कई स्थानों पर लगे अग्निशमन यंत्र निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी नहीं बदले गए हैं। आईसीयू-1 में लगा एक अग्निशमन यंत्र बिना वैधता पर्ची के मिला। वहीं वार्ड नंबर सात की गैलरी और बर्न वार्ड में लगे अग्निशमन यंत्र वर्ष 2025 में ही एक्सपायर हो चुके हैं।
ओपीडी ब्लॉक के प्रथम तल पर लिफ्ट के पास लगा अग्निशमन यंत्र वर्ष 2021 में ही अपनी वैधता खो चुका है, लेकिन अब भी वहीं टंगा हुआ है। स्थिति केवल अग्निशमन यंत्रों तक सीमित नहीं है। अस्पताल में लगे कई फायर हाउस बॉक्स अधूरे मिले। कई स्थानों पर आग बुझाने वाले पाइप गायब थे, जबकि कुछ बॉक्स के अंदर कचरा भरा हुआ था। वार्ड नंबर आठ और भर्ती ब्लॉक की गैलरी में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।
दूसरी ओर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में फायर फाइटिंग सिस्टम की कुछ लाइनें अधूरी मिलीं और कई स्थानों पर पानी की पाइप नहीं लगी थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि अस्पताल में लगाए गए छोटे अग्निशमन यंत्र वैधता अवधि के भीतर पाए गए। इससे शुरुआती स्तर पर आग से निपटने की तैयारी मौजूद दिखी।
अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा कराई जाएगी। जहां भी अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त हुई है या उपकरणों की कमी है, उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
-डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य, बीआरडी
अस्पताल में समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाती है। अग्नि सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। जहां तकनीकी कमियां हैं, उन्हें दूर करने की प्रक्रिया चल रही है ताकि आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके।
-डॉ. ओपी सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय