बीआरडी मेडिकल कॉलेज : कोरोना महामारी के बीच मिले 190 एचआईवी पॉजिटिव
गोरखपुर। कोरोना महामारी के बीच बीआरडी मेडिकल कॉलेज का एआरटी सेंटर पूरी तरह से सक्रिय रहा। इसका नतीजा यह हुआ कि कोरोना काल में अप्रैल से नवंबर के बीच 190 नए एचआईवी पॉजिटिव मिले। इनमें 85 एचआईवी संक्रमितों की पहचान तो लॉकडाउन के दौरान ही हुई।
कोरोना काल में एआरटी सेंटर में 3088 लोगों की काउंसलिंग करते हुए उनके खून की जांच की गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर के कर्मचारी कोरोना संक्रमितों की पहचान के साथ ही एचआईवी संक्रमितों की पहचान भी कर रहे थे। कोरोना काल के दौरान 190 एचआईवी संक्रमितों की तलाश हुई। इस दौरान कुल 3088 नमूनों की जांच की गई।
एचआईवी संक्रमित गर्भवती को हो गया था कोरोना
एचआईवी पीड़ित महिला गर्भवती हुई। इस बीच जब बीआरडी पहुंची तो जांच में कोरोना की भी तस्दीक हुई। पूर्वांचल में यह इस तरह का पहला मामला था। इसके बाद इलाज कर रहे डॉक्टर भी चिंता में पड़ गए। मेडिकल कॉलेज की गायनी टीम ने हिम्मत दिखाते हुए महिला का प्रसव कराया जो सफल रहा।
412 की हुई काउंसिलिंग, 271 की जांच
विश्व एड्स दिवस के मौके पर मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कैंप लगाए गए। कैंप में कुल 412 लोगों की काउंसलिंग की गई। इनमें से 271 की एचआईवी जांच भी हुई। कैंप का आयोजन जिला क्षय रोग विभाग की ओर से किया गया था। यह कैंप महानगर के बसंतपुर, छोटे काजीपुर, चरगांवा और पिपराइच क्षेत्र में आयोजित किया गया। इसमें सबसे ज्यादा 233 लोगों की काउंसलिंग पिपराइच में हुई। इनमें से 154 की जांच हुई। इसके अलावा छोटे काजीपुर में 110 की काउंसलिंग हुई। इनमें से 56 लोगों ने अपनी जांच कराई।
इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा, डॉ. धनंजय कुशवाहा, डॉ. नंदलाल, डॉ. पल्लवी, डॉ. नीतू सिंह, संजय सिंह, महेश चंद्र साहनी, गोविंद कुमार ,मयंक श्रीवास्तव, अमित मिश्र, मनीष तिवारी, मिर्जा आफताब बेग के अलावा स्वयंसेवी संस्था आशना, विहान और ज्योति ग्रामीण सेवा संस्थान के सदस्य मौजूद रहे।